अमित शाह की रैली में धामी का कांग्रेस पर हमला, राहुल-अखिलेश और हरक सिंह रावत को भी घेरा
देहरादून: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के उत्तराखंड दौरे के दौरान परेड ग्राउंड में आयोजित जनसभा में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विपक्ष पर तीखे राजनीतिक हमले किए। अमित शाह के संबोधन से पहले मंच संभालते हुए धामी ने कांग्रेस को निशाने पर लिया। उन्होंने राहुल गांधी, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव और कांग्रेस नेता हरक सिंह रावत का नाम लेते हुए कई मुद्दों पर विपक्ष को घेरा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में डबल इंजन सरकार विकास के नए आयाम स्थापित कर रही है, लेकिन विपक्ष विकास के मुद्दों पर चर्चा करने के बजाय भय और टकराव का माहौल बनाने में जुटा है। उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक फायदे के लिए युवाओं को भड़काना, अफवाहें फैलाना और हिंसा को बढ़ावा देना लोकतांत्रिक व्यवस्था के हित में नहीं है। धामी ने कहा कि लोकतंत्र में सवाल उठाने और असहमति जताने का अधिकार सभी को है, लेकिन इसका इस्तेमाल राजनीतिक स्वार्थ के लिए नहीं होना चाहिए।
ईवीएम और एसआईआर पर विपक्ष के रुख पर उठाए सवाल
मुख्यमंत्री ने चुनावी प्रक्रिया को लेकर कांग्रेस के आरोपों पर भी पलटवार किया। उन्होंने कहा कि जब चुनावी नतीजे किसी दल के पक्ष में आते हैं तो उसे व्यवस्था पर भरोसा रहता है, लेकिन परिणाम प्रतिकूल होने पर ईवीएम और एसआईआर जैसी प्रक्रियाओं पर सवाल उठाए जाने लगते हैं। धामी ने इसे विपक्ष का दोहरा रवैया बताते हुए कहा कि लोकतंत्र में संस्थाओं और चुनावी प्रक्रियाओं के प्रति समान दृष्टिकोण होना चाहिए।
उन्होंने श्रीनगर गढ़वाल और रुद्रपुर में बीजेपी की ओर से आयोजित लोकतंत्र बचाओ और अराजकता हटाओ यात्राओं का जिक्र करते हुए कहा कि इन कार्यक्रमों में जनता का उत्साह देखकर स्पष्ट है कि लोग विपक्ष के आरोपों से सहमत नहीं हैं।
राहुल गांधी और अखिलेश यादव पर भी निशाना
अपने संबोधन में धामी ने राष्ट्रीय सुरक्षा और उत्तराखंड के सम्मान से जुड़े मुद्दों को भी उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी द्वारा राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल पर टिप्पणी किए जाने पर कांग्रेस के नेता चुप रहते हैं। वहीं, अखिलेश यादव की ओर से उत्तराखंडवासियों को घुसपैठिया बताए जाने के मुद्दे पर भी उन्होंने विपक्षी गठबंधन को घेरा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि दूसरे देशों से अवैध रूप से भारत आने वालों के लिए घुसपैठिया शब्द का इस्तेमाल किया जाता है, लेकिन उत्तराखंड के लोगों के लिए इस तरह की टिप्पणी प्रदेश के सम्मान और स्वाभिमान से जुड़ा विषय है।
अंकिता भंडारी प्रकरण और पुराने विवादों का भी जिक्र
धामी ने अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर कांग्रेस के सवालों का जवाब देते हुए उस पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस बीजेपी सरकार से इस मामले में जवाब मांगती है, लेकिन अपने नेताओं से जुड़े पुराने तंदूर और जेनी कांड जैसे विवादों पर चुप्पी साध लेती है।
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के लिए उत्तराखंड का मान-सम्मान और स्वाभिमान प्राथमिकता में नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता विपक्ष की राजनीति और उसके दावों को समझ चुकी है।
अपने संबोधन के अंत में मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार की उपलब्धियां भी गिनाईं और कहा कि प्रदेश में विकास, जनकल्याण और बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने के लिए सरकार लगातार काम कर रही है।
