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एंबुलेंस की आड़ में चल रही थी लाखों की गांजा तस्करी, पौड़ी पुलिस ने 90 किलो नशीला माल पकड़ा

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एंबुलेंस की आड़ में चल रही थी लाखों की गांजा तस्करी, पौड़ी पुलिस ने 90 किलो नशीला माल पकड़ा

पौड़ी गढ़वाल। उत्तराखंड में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के बीच पौड़ी पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। श्रीनगर क्षेत्र में नियमित वाहन चेकिंग के दौरान पुलिस ने एक एंबुलेंस से भारी मात्रा में अवैध गांजा बरामद किया है। हैरानी की बात यह है कि जिस वाहन का इस्तेमाल आमतौर पर मरीजों को अस्पताल पहुंचाने के लिए किया जाता है, उसी का उपयोग कथित तौर पर नशे की तस्करी के लिए किया जा रहा था।

पुलिस के अनुसार बरामद गांजे का वजन करीब 90 किलोग्राम है, जिसकी अनुमानित बाजार कीमत करीब 45 लाख रुपये आंकी जा रही है। मामले में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है, जबकि तस्करी से जुड़े अन्य लोगों की तलाश की जा रही है।

चेकिंग के दौरान खुला राज

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पौड़ी सर्वेश पंवार के निर्देशन में जिलेभर में नशा तस्करों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत श्रीनगर क्षेत्र में पुलिस टीम वाहनों की जांच कर रही थी। इस दौरान आवास विकास ग्राउंड के पास एक इको एंबुलेंस को रोककर उसकी तलाशी ली गई।

पुलिस को वाहन की गतिविधियां संदिग्ध लगीं, जिसके बाद की गई गहन जांच में एंबुलेंस के भीतर रखे कई कट्टों से बड़ी मात्रा में गांजा बरामद हुआ। बरामद माल को जब्त करते हुए चालक को मौके से हिरासत में ले लिया गया।

पूछताछ में सामने आई तस्करी की कहानी

प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने पुलिस को बताया कि गांजा रुद्रप्रयाग क्षेत्र से लाया जा रहा था। आरोप है कि इसे कम कीमत पर खरीदकर श्रीनगर और आसपास के इलाकों में अधिक दामों पर बेचने की योजना थी। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं तथा नशे की खेप कहां-कहां पहुंचाई जानी थी।

सप्लाई चेन की जांच में जुटी पुलिस

जांच एजेंसियां अब गांजे के स्रोत, परिवहन के तरीके और इससे जुड़े संभावित नेटवर्क की कड़ियां जोड़ रही हैं। पुलिस यह भी खंगाल रही है कि क्या इस तस्करी का संबंध किसी बड़े गिरोह से है या फिर यह स्थानीय स्तर पर संचालित नेटवर्क का हिस्सा है।

नशे के खिलाफ अभियान जारी

पौड़ी पुलिस का कहना है कि जिले में मादक पदार्थों की तस्करी, बिक्री और वितरण से जुड़े लोगों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा। हाल के महीनों में पुलिस ने कई मामलों में कार्रवाई करते हुए नशे के कारोबार से जुड़े आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

स्थानीय लोगों का मानना है कि पहाड़ी जिलों में बढ़ते नशे के कारोबार पर प्रभावी नियंत्रण के लिए लगातार कार्रवाई के साथ-साथ जागरूकता अभियान भी जरूरी हैं, ताकि युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाया जा सके।


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