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टिहरी मेडिकल कॉलेज पर वार्ता के बाद भी नहीं टूटा गतिरोध, लिखित आश्वासन के इंतजार में आंदोलन जारी

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टिहरी मेडिकल कॉलेज पर वार्ता के बाद भी नहीं टूटा गतिरोध, लिखित आश्वासन के इंतजार में आंदोलन जारी

नई टिहरी। टिहरी में मेडिकल कॉलेज स्थापना को लेकर चल रहा जनआंदोलन फिलहाल थमता नजर नहीं आ रहा है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और मेडिकल कॉलेज निर्माण संयुक्त संघर्ष समिति के प्रतिनिधिमंडल के बीच हुई बहुप्रतीक्षित वार्ता के बावजूद आंदोलनकारियों ने धरना और क्रमिक अनशन जारी रखने का निर्णय लिया है। समिति का कहना है कि जब तक मेडिकल कॉलेज के संबंध में स्पष्ट शासनादेश जारी नहीं होता, तब तक आंदोलन समाप्त नहीं किया जाएगा।

नई टिहरी के बौराड़ी स्थित गणेश चौक में पिछले कई दिनों से विभिन्न सामाजिक, व्यापारिक, पूर्व सैनिक और जन संगठनों के प्रतिनिधि मेडिकल कॉलेज की मांग को लेकर धरना दे रहे हैं। आंदोलन अब केवल एक परियोजना की मांग नहीं, बल्कि जिले में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं और चिकित्सा शिक्षा संस्थान की स्थापना से जुड़ी जनभावनाओं का प्रतीक बनता जा रहा है।

मुख्यमंत्री से हुई वार्ता, लेकिन लिखित निर्णय का इंतजार

सोमवार को संघर्ष समिति का प्रतिनिधिमंडल जनप्रतिनिधियों के साथ देहरादून पहुंचा, जहां मुख्यमंत्री से मेडिकल कॉलेज के मुद्दे पर चर्चा हुई। समिति के सदस्यों का कहना है कि वार्ता के दौरान मुख्यमंत्री ने पूर्व में की गई घोषणाओं के अनुरूप मेडिकल कॉलेज स्थापित करने की प्रतिबद्धता दोहराई, लेकिन इस संबंध में कोई लिखित आदेश या समयबद्ध कार्ययोजना सामने नहीं आई।

इसी वजह से आंदोलनकारियों ने इसे आंशिक प्रगति तो माना है, लेकिन समाधान नहीं।

मेडिकल कॉलेज का मुद्दा क्यों बना जन आंदोलन?

टिहरी जिले में मेडिकल कॉलेज की मांग कई वर्षों से उठती रही है। क्षेत्र के लोगों का तर्क है कि पर्वतीय भौगोलिक परिस्थितियों वाले जिले में उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधाओं का अभाव है। गंभीर मरीजों को अक्सर देहरादून, ऋषिकेश या अन्य शहरों का रुख करना पड़ता है। ऐसे में मेडिकल कॉलेज केवल एक शैक्षणिक संस्थान नहीं, बल्कि स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने का माध्यम भी माना जा रहा है।

स्थान को लेकर भी रहा है विवाद

मेडिकल कॉलेज के प्रस्तावित स्थान को लेकर पिछले कुछ महीनों से बहस चलती रही है। विभिन्न पक्ष अलग-अलग स्थानों का समर्थन करते रहे हैं, जबकि आंदोलनकारी लगातार नई टिहरी क्षेत्र के लिए पूर्व में घोषित स्थान पर ही मेडिकल कॉलेज स्थापित करने की मांग कर रहे हैं। इस मुद्दे ने समय-समय पर राजनीतिक और सामाजिक चर्चा को भी जन्म दिया है।

नौवें दिन भी जारी रहा क्रमिक अनशन

धरना स्थल पर सोमवार को भी आंदोलनकारियों ने क्रमिक अनशन जारी रखा। समिति से जुड़े लोगों का कहना है कि आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहेगा, लेकिन मांग पूरी होने तक पीछे हटने का सवाल नहीं है। आंदोलनकारियों का मानना है कि वर्षों से लंबित इस परियोजना पर अब केवल आश्वासनों से आगे बढ़कर ठोस प्रशासनिक कार्रवाई की आवश्यकता है।

अब निगाहें सरकार के अगले कदम पर

वार्ता के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या सरकार मेडिकल कॉलेज को लेकर जल्द कोई औपचारिक आदेश जारी करेगी या फिर आंदोलन और लंबा खिंचेगा। फिलहाल टिहरी की जनता और आंदोलनकारी दोनों सरकार के अगले कदम का इंतजार कर रहे हैं। यदि निकट भविष्य में कोई स्पष्ट निर्णय सामने नहीं आता है, तो आंदोलन को और व्यापक रूप देने की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता।

(The Mountain Stories Desk)


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