तीन राज्यों में भाजपा की जीत पर देहरादून में जश्न, धामी बोले— ‘गंगोत्री से गंगासागर तक भगवामय माहौल’
देहरादून:
तीन राज्यों में भारतीय जनता पार्टी की जीत के बाद देहरादून स्थित पार्टी मुख्यालय में जोरदार जश्न मनाया गया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने रंग-गुलाल के साथ होली-दिवाली जैसा उत्सव मनाया। इस दौरान बंगाल की पारंपरिक ‘झाल मुड़ी’ का स्वाद भी लिया गया और धुनुची नृत्य के साथ जश्न को खास बनाया गया।
कार्यक्रम में पूर्व मुख्यमंत्री रमेश पोखरियाल निशंक, राज्यसभा सांसद नरेश बंसल और कैबिनेट मंत्री खजान दास सहित कई नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे। आतिशबाजी और नारों के बीच कार्यकर्ताओं ने जीत का उत्साह व्यक्त किया।
मुख्यमंत्री धामी ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए असम में लगातार तीसरी जीत, पुडुचेरी में दूसरी बार सरकार बनने और पश्चिम बंगाल में ऐतिहासिक सफलता के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में यह जीत “गंगोत्री से गंगासागर तक” एक नई राजनीतिक तस्वीर पेश करती है। उन्होंने इसे 2029 के “सेमीफाइनल” और 2032 के “फाइनल” से जोड़ते हुए उत्तराखंड में भी इसी सफलता को दोहराने का आह्वान किया।
धामी ने कहा कि “डबल इंजन” सरकार आज विकास, सुशासन और जनकल्याण का प्रतीक बन चुकी है। उन्होंने दावा किया कि जनता ने विपक्ष को उसकी नीतियों के लिए जवाब दिया है और देशभर में भाजपा के प्रति विश्वास और मजबूत हुआ है।
प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने इस जीत, विशेषकर पश्चिम बंगाल में मिली सफलता को जनसंघ के संस्थापक श्यामा प्रसाद मुखर्जी को समर्पित किया। उन्होंने कहा कि यह जीत उन कार्यकर्ताओं के बलिदान का परिणाम है, जिन्होंने वर्षों तक संघर्ष किया। भट्ट ने इसे “ऐतिहासिक क्षण” बताते हुए कहा कि अब उत्तराखंड में भी तीसरी बार भाजपा सरकार बनाने का लक्ष्य है।
कार्यक्रम के दौरान बंगाल की प्रवासी महिलाओं ने पारंपरिक धुनुची नृत्य प्रस्तुत किया और उलू ध्वनि के साथ खुशी जाहिर की। इसके बाद सभी ने झाल मुड़ी का आनंद लिया। प्रदेश अध्यक्ष ने घोषणा की कि जीत का यह उत्सव प्रदेशभर में तीन दिनों तक मनाया जाएगा।
पूर्व मुख्यमंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने भी इस अवसर पर कार्यकर्ताओं के योगदान को सराहते हुए कहा कि यह जीत “अभूतपूर्व” है और देशभर में पार्टी के विस्तार का संकेत है। उन्होंने अटल बिहारी वाजपेयी के प्रसिद्ध कथन का उल्लेख करते हुए कहा कि “अंधेरा छटेगा, सूरज निकलेगा और कमल खिलेगा” आज पूरे देश में साकार होता दिख रहा है।
