धामी सरकार ने समाज कल्याण योजनाओं के लिए तय किया 25 साल का विजन, 9.80 लाख लाभार्थियों के खातों में भेजी ₹145 करोड़ से अधिक पेंशन
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने समाज कल्याण विभाग की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए कि विभाग की सभी योजनाएं केवल वर्तमान जरूरतों को ध्यान में रखकर नहीं, बल्कि अगले 25 वर्षों की चुनौतियों और आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार की जाएं। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में ऐसा सुशासन मॉडल विकसित किया जाए जो अन्य राज्यों के लिए भी उदाहरण बने।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बाबू जगजीवन राम बालक छात्रावास डोईवाला (देहरादून), बाबू जगजीवन राम बालक छात्रावास पाइनस (नैनीताल) और बाबू जगजीवन राम बालिका छात्रावास सोमेश्वर (अल्मोड़ा) के निर्माण कार्य हर हाल में अक्टूबर 2026 तक पूरे किए जाएं, ताकि अनुसूचित जाति के छात्र-छात्राओं को बेहतर आवासीय एवं शैक्षणिक सुविधाएं मिल सकें।
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने योजनाओं के बेहतर समन्वय, वित्तीय प्रबंधन और संसाधनों के प्रभावी उपयोग पर विशेष जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि 60 वर्ष की आयु पूरी करते ही पात्र नागरिकों को स्वतः वृद्धावस्था पेंशन योजना के दायरे में शामिल किया जाए, जिससे उन्हें अनावश्यक प्रक्रियाओं से न गुजरना पड़े और समय पर पेंशन का लाभ मिल सके।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री आवास सभागार में समाज कल्याण विभाग की विभिन्न पेंशन योजनाओं के तहत जून 2026 की पेंशन राशि डीबीटी (वन क्लिक) के माध्यम से लाभार्थियों के खातों में हस्तांतरित की। कुल 9 लाख 80 हजार 950 लाभार्थियों को लगभग 145 करोड़ 42 लाख रुपये की राशि सीधे बैंक खातों में भेजी गई। इसमें केंद्र सरकार का योगदान 7 करोड़ 2 लाख रुपये और राज्य सरकार का योगदान 138 करोड़ 40 लाख रुपये रहा।
जून 2026 में वितरित पेंशन राशि में वृद्धावस्था पेंशन के 6 लाख 11 हजार 245 लाभार्थियों को 91.69 करोड़ रुपये, विधवा पेंशन के 2 लाख 35 हजार 850 लाभार्थियों को 35.38 करोड़ रुपये तथा दिव्यांग पेंशन के 88 हजार 787 लाभार्थियों को 13.32 करोड़ रुपये प्रदान किए गए। इसके अलावा किसान, परित्यक्ता, भरण-पोषण अनुदान, तीलू रौतेली और बौना पेंशन योजनाओं के लाभार्थियों को भी सहायता राशि जारी की गई।
बैठक में बाबू जगजीवन राम छात्रावास योजना की समीक्षा करते हुए बताया गया कि यह योजना अनुसूचित जाति के छात्र-छात्राओं को माध्यमिक, उच्च एवं विश्वविद्यालय स्तर की शिक्षा के लिए छात्रावास सुविधा उपलब्ध कराने हेतु संचालित की जा रही है। योजना के तहत केंद्र सरकार प्रति छात्र 3.25 लाख रुपये तक की सहायता प्रदान करती है, जबकि आवश्यकता पड़ने पर राज्य सरकार अतिरिक्त राशि देकर आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण छात्रावासों का निर्माण सुनिश्चित करती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि ऐसी स्थायी और प्रभावी व्यवस्था तैयार करना है जो आने वाली पीढ़ियों की जरूरतों को भी पूरा कर सके। उन्होंने कहा कि सामाजिक सुरक्षा, शिक्षा और सम्मान प्रत्येक पात्र नागरिक का अधिकार है और उत्तराखंड में ऐसा मॉडल विकसित किया जाएगा जिसे देश के अन्य राज्य भी अपनाने के लिए प्रेरित हों।
