देहरादून में आरक्षित वनभूमि पर बड़ी कार्रवाई, 1,015 वर्गमीटर जमीन कराई कब्जामुक्त
देहरादून: आरक्षित वनभूमि पर अतिक्रमण के खिलाफ देहरादून वन प्रभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए झाझरा रेंज के कंडोली-1 क्षेत्र में 1,015 वर्गमीटर वनभूमि को अतिक्रमणमुक्त करा लिया। वन विभाग की टीम ने मौके पर किए गए अनधिकृत निर्माण को नियमानुसार ध्वस्त कर भूमि को दोबारा अपने कब्जे में ले लिया।
वन विभाग के अनुसार, कंडोली-1 क्षेत्र की आरक्षित वनभूमि पर वर्ष 2006-07 से अनधिकृत निर्माण किया गया था। विभाग की ओर से अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया शुरू की गई, लेकिन मामला लंबे समय तक विभागीय अपील और न्यायालयी प्रक्रिया में रहा।
मामले में पहली बार 7 अगस्त 2009 को निर्माण हटाने के आदेश जारी किए गए थे। संबंधित पक्ष ने विभागीय स्तर पर अपील की, जिसे 4 सितंबर 2009 को खारिज कर दिया गया। इसके बाद मामला नैनीताल हाईकोर्ट पहुंचा।
2017 में हाईकोर्ट ने खारिज की रिट याचिका
न्यायालय में चली कानूनी लड़ाई के दौरान 20 सितंबर 2017 को हाईकोर्ट ने संबंधित रिट याचिका खारिज कर दी। इसके बाद भी प्रकरण में विशेष अपील संख्या 1083/2017 दाखिल की गई। हाईकोर्ट ने इस विशेष अपील को भी 9 जून 2025 को खारिज कर दिया।
न्यायालय से विभाग के पक्ष में फैसला आने के बाद अब वन विभाग ने मौके पर कार्रवाई की। टीम ने अनधिकृत निर्माण को हटाते हुए 1,015 वर्गमीटर आरक्षित वनभूमि को कब्जामुक्त कराया और उसे विभागीय नियंत्रण में वापस ले लिया। कार्रवाई के दौरान राजस्व विभाग के प्रतिनिधि भी मौके पर मौजूद रहे।
वनभूमि पर अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं होगा
वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि आरक्षित वनभूमि पर किसी भी तरह का अतिक्रमण या अनधिकृत निर्माण स्वीकार नहीं किया जाएगा। विभाग का कहना है कि वन क्षेत्रों की सीमाओं और भूमि की सुरक्षा के लिए नियमानुसार कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
देहरादून के डीएफओ वैभव कुमार सिंह ने कहा कि वन क्षेत्र की जमीन को अतिक्रमण से मुक्त रखना विभाग की प्राथमिकता है। ऐसे मामलों में कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद प्रभावी कार्रवाई की जाएगी।
