महाकुंभ-2027 की तैयारियों को मिली रफ्तार, हरिद्वार में 235 करोड़ रुपये की चार बड़ी परियोजनाओं का शुभारंभ
हरिद्वार। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हरिद्वार को विश्वस्तरीय आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक नगरी के रूप में विकसित करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए लगभग 235 करोड़ रुपये की चार प्रमुख आधारभूत अवसंरचना परियोजनाओं का भूमि पूजन और शिलान्यास किया। हरिद्वार-ऋषिकेश गंगा कॉरिडोर के तहत शुरू की गई इन परियोजनाओं का उद्देश्य आगामी महाकुंभ-2027 की तैयारियों को मजबूत करना तथा श्रद्धालुओं, कांवड़ यात्रियों और स्थानीय नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
अलकनंदा होटल हरिद्वार में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने 43.25 करोड़ रुपये की प्रशासनिक मार्ग कॉरिडोर विकास परियोजना का भूमि पूजन किया। वहीं 66.76 करोड़ रुपये की लागत से हर की पैड़ी एवं सुभाष घाट के पुनरुद्धार, 66.34 करोड़ रुपये की लागत से हर की पैड़ी के उत्तर क्षेत्र में आधारभूत अवसंरचना विकास तथा 58.84 करोड़ रुपये की लागत से रोड़ी बेलवाला क्षेत्र के पुनर्विकास कार्यों का शिलान्यास किया।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि ये सभी परियोजनाएं हरिद्वार को आधुनिक सुविधाओं से युक्त विश्वस्तरीय धार्मिक नगरी के रूप में विकसित करने के व्यापक विजन का हिस्सा हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी कार्य निर्धारित समय सीमा के भीतर और गुणवत्ता के साथ पूरे किए जाएं।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश अपनी सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत के संरक्षण एवं संवर्धन की दिशा में आगे बढ़ रहा है। इसी क्रम में उत्तराखंड में हरिद्वार-ऋषिकेश गंगा कॉरिडोर के अलावा केदारखंड मंदिर माला मिशन, मानसखंड मंदिर माला मिशन, शारदा कॉरिडोर, गोल्ज्यू कॉरिडोर और विवेकानंद कॉरिडोर जैसी महत्वाकांक्षी परियोजनाओं पर भी कार्य किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हरिद्वार करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र है और आगामी महाकुंभ-2027 को इतिहास का सबसे दिव्य, भव्य, सुरक्षित और सुव्यवस्थित आयोजन बनाने के लिए राज्य सरकार युद्धस्तर पर कार्य कर रही है। इसी लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए नए घाटों और पुलों का निर्माण, प्रमुख सड़कों का चौड़ीकरण, यातायात व्यवस्था का आधुनिकीकरण और विभिन्न संपर्क मार्गों के सुदृढ़ीकरण का कार्य तेजी से चल रहा है।
उन्होंने बताया कि बहादराबाद-सिडकुल से शिवालिक नगर तक सड़क चौड़ीकरण, रोह नदी पर नए पुल का निर्माण और पतंजलि योगपीठ से फेरूपुर तक संपर्क मार्ग के विस्तार जैसे कार्य प्रगति पर हैं। इसके अलावा श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए हेलीपोर्ट, पॉड टैक्सी और हर की पैड़ी से चंडी देवी एवं मनसा देवी मंदिर तक रोपवे परियोजनाओं पर भी तेजी से काम किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हरिद्वार को केवल धार्मिक दृष्टि से ही नहीं, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन और रोजगार के क्षेत्र में भी अग्रणी शहर के रूप में विकसित किया जा रहा है। हरिद्वार मेडिकल कॉलेज निर्माण अंतिम चरण में है, जबकि लालढांग में मॉडल डिग्री कॉलेज और श्यामपुर में स्वास्थ्य केंद्र की स्थापना से स्थानीय लोगों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।
कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि धर्मनगरी हरिद्वार में विश्वस्तरीय आधारभूत ढांचे का विकास राज्य की पर्यटन अर्थव्यवस्था को नई मजबूती देगा और श्रद्धालुओं को आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराएगा।
यूआईआईडीबी के प्रबंध निदेशक एवं प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम ने बताया कि महाकुंभ-2027 से पहले सभी परियोजनाओं को पूरा करने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि हरिद्वार आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।
