39वें राष्ट्रीय खेलों में टॉप-5 पर उत्तराखंड की नजर, पदकवीर खेलों पर रहेगा खास फोकस
देहरादून: 38वें राष्ट्रीय खेलों में पदक तालिका में सातवां स्थान हासिल करने वाला उत्तराखंड अब अगले आयोजन में शीर्ष पांच राज्यों में जगह बनाने की तैयारी कर रहा है। इसके लिए खेल विभाग ने रणनीति पर काम शुरू कर दिया है। प्रदेश का विशेष जोर उन खेल विधाओं पर रहेगा, जिनमें पिछले राष्ट्रीय खेलों में उत्तराखंड के खिलाड़ियों ने पदक जीतकर बेहतर प्रदर्शन किया था।
39वें राष्ट्रीय खेलों को ध्यान में रखते हुए प्रदेश ने 22 खेल विधाओं को प्राथमिकता में रखा है। इन खेलों में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों की पहचान और नए खिलाड़ियों के चयन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। विशेष प्रमुख सचिव खेल अमित सिन्हा के मुताबिक, कुछ खेलों के खिलाड़ियों का चयन भी किया जा चुका है।
मॉडर्न पेंटाथलॉन बना पदकों का सबसे बड़ा आधार
पिछले राष्ट्रीय खेलों में उत्तराखंड का सबसे शानदार प्रदर्शन मॉडर्न पेंटाथलॉन में रहा था। इस खेल में प्रदेश के खिलाड़ियों ने कुल 14 पदक जीते, जिनमें छह स्वर्ण पदक शामिल थे। इसके अलावा कैनोइंग और कयाकिंग में पांच, बॉक्सिंग में तीन, जबकि एथलेटिक्स और जूडो में दो-दो स्वर्ण पदक हासिल हुए थे।
वहीं वुशू, योगासन, कुश्ती, लॉन बॉल, बैडमिंटन, रोइंग, नेटबॉल, हैंडबॉल, फुटबॉल, कबड्डी, मलखंभ, जिम्नास्टिक, साइक्लिंग, लॉन टेनिस, भारोत्तोलन और शूटिंग में भी उत्तराखंड के खिलाड़ियों ने पदक जीते थे।
प्रशिक्षण और खेल सुविधाओं पर भी जोर
खेल विभाग की रणनीति केवल पिछले पदक विजेता खेलों तक सीमित नहीं रहेगी। अन्य खेल विधाओं में भी प्रतिभावान खिलाड़ियों को आगे लाने और पदक की संभावनाएं तलाशने की तैयारी है। इसके लिए खेल विभाग और विभिन्न खेल संघों के बीच समन्वय बढ़ाया जा रहा है।
खिलाड़ियों की बेहतर तैयारी के लिए प्रशिक्षण, प्रशिक्षकों की उपलब्धता, फिजियोथेरेपी, खेल पोषण और आधुनिक उपकरणों पर भी ध्यान दिया जा रहा है। अब देखना होगा कि पिछले राष्ट्रीय खेलों में हासिल अनुभव और नई रणनीति के दम पर उत्तराखंड इस बार पदक तालिका में सातवें स्थान से शीर्ष पांच तक पहुंचने का लक्ष्य कितना हासिल कर पाता है।
