उत्तराखंड में जनगणना 2027 का पहला चरण 25 अप्रैल से, 24 मई 2026 तक चलेगा अभियान
देहरादून: उत्तराखंड में जनगणना 2027 के पहले चरण के तहत मकान सूचीकरण एवं मकान गणना का कार्य 25 अप्रैल से 24 मई 2026 तक संचालित किया जाएगा। राज्य सरकार ने इस संबंध में औपचारिक स्वीकृति दे दी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की सहमति के बाद मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन की ओर से अधिसूचना जारी कर दी गई है।
अधिसूचना जारी होते ही जनगणना कार्य निदेशालय, उत्तराखंड ने तैयारियां तेज कर दी हैं। राज्य में इस चरण का संचालन जनगणना निदेशक इवा आशीष श्रीवास्तव के निर्देशन में किया जाएगा, जबकि नोडल अधिकारी दीपक कुमार को समन्वय की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
केंद्र की अधिसूचना के तहत राज्य को अधिकार
केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा 7 जनवरी 2026 को जारी अधिसूचना के अनुसार, जनगणना अधिनियम, 1948 और जनगणना नियम, 1990 के प्रावधानों के तहत देशभर में 1 अप्रैल से 30 सितंबर 2026 के बीच 30 दिन की अवधि में मकान सूचीकरण का कार्य किया जाना है। राज्यों को तिथियां निर्धारित करने का अधिकार दिया गया था।
इसी क्रम में उत्तराखंड सरकार ने 25 अप्रैल से 24 मई 2026 के बीच यह कार्य कराने का निर्णय लिया है। राज्यपाल ने जनगणना नियम 8 (iii) के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए इसकी घोषणा की है।
10 अप्रैल से 24 अप्रैल तक स्व-गणना का विकल्प
इस बार नागरिकों को स्व-गणना (Self Enumeration) का विकल्प भी दिया जाएगा। यह सुविधा 10 अप्रैल से 24 अप्रैल 2026 तक, यानी घर-घर सर्वे शुरू होने से ठीक पहले 15 दिनों तक उपलब्ध रहेगी।
स्व-गणना के माध्यम से नागरिक निर्धारित पोर्टल/प्रक्रिया के जरिए स्वयं अपनी जानकारी दर्ज कर सकेंगे, जिससे प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और सुव्यवस्थित होने की उम्मीद है।
पहले चरण में पूछे जाएंगे ये 33 प्रमुख प्रश्न
मकान सूचीकरण के दौरान भवन की संरचना, सुविधाओं और परिवार की बुनियादी जानकारी से जुड़े 33 प्रश्न पूछे जाएंगे। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:
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भवन और जनगणना मकान नंबर
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फर्श, दीवार और छत की निर्माण सामग्री
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मकान का उपयोग और स्थिति
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परिवार की कुल संख्या और मुखिया का विवरण
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सामाजिक श्रेणी (SC/ST/अन्य)
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स्वामित्व स्थिति और उपलब्ध कमरे
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विवाहित दंपतियों की संख्या
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पेयजल स्रोत और उपलब्धता
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बिजली/प्रकाश का स्रोत
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शौचालय, बाथरूम और निकासी व्यवस्था
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रसोईघर व एलपीजी/पीएनजी कनेक्शन
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खाना पकाने का ईंधन
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रेडियो, टीवी, इंटरनेट, लैपटॉप/कंप्यूटर
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मोबाइल/स्मार्टफोन
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साइकिल से लेकर कार तक वाहन विवरण
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मुख्य उपभोग अनाज
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मोबाइल नंबर (केवल जनगणना संबंधी संचार के लिए)
क्यों अहम है पहला चरण?
जनगणना का पहला चरण राज्य में आवासीय संरचना, बुनियादी सुविधाओं और डिजिटल पहुंच की वास्तविक तस्वीर प्रस्तुत करेगा। इससे सरकार को योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और संसाधनों के वितरण में सहायता मिलेगी।
उत्तराखंड में यह प्रक्रिया अप्रैल–मई 2026 में पूरी कर ली जाएगी, जबकि देशभर में यह चरण सितंबर 2026 तक संपन्न किया जाएगा।
राज्य सरकार ने जनगणना 2027 को पारदर्शी, तकनीकी रूप से सक्षम और समयबद्ध तरीके से संपन्न कराने का भरोसा जताया है। नागरिकों से अपील की गई है कि वे सर्वेक्षण में सहयोग करें और सही जानकारी उपलब्ध कराएं, ताकि राज्य की विकास योजनाओं की सटीक आधारशिला तैयार हो सके।
