विशेष सत्र में बोले मुख्यमंत्री धामी: “शिक्षा के नाम पर समाज को नहीं बांटेंगे, सभी को समान अवसर”
देहरादून में आयोजित विधानसभा के विशेष सत्र के दौरान पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश में सामाजिक सौहार्द और समान विकास को लेकर सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में सभी लोग प्रेमपूर्वक रहते हैं और यहां आपसी सद्भाव की मजबूत परंपरा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास” के मूल मंत्र के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि शिक्षा के क्षेत्र में किसी भी प्रकार का भेदभाव नहीं किया जाएगा और सभी को समान अधिकार मिलना चाहिए।
मदरसा शिक्षा में आधुनिकता पर जोर
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि सरकार ने मदरसा बोर्ड के माध्यम से यह सुनिश्चित करने की दिशा में काम किया है कि वहां पढ़ने वाले बच्चों को भी आधुनिक शिक्षा मिल सके। उन्होंने कहा कि अब मदरसों में पढ़ने वाले छात्रों को साइंस, टेक्नोलॉजी, इनोवेशन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जैसी आधुनिक शिक्षा से जोड़ा जा रहा है।
उन्होंने यह भी कहा कि शिक्षा के मामले में समाज को बांटने का प्रयास नहीं होना चाहिए। “न कोई अल्पसंख्यक है, न बहुसंख्यक—शिक्षा सबके लिए समान है,” उन्होंने जोर देते हुए कहा।
इतिहास से सीखकर आगे बढ़ने की बात
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार विरासत और इतिहास से सीख लेकर आगे बढ़ने का कार्य कर रही है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि यदि इतिहास में कुछ कमियां रही हैं, तो उन्हें स्वीकार करते हुए सुधार की दिशा में काम करना जरूरी है।
आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों का मानदेय बढ़ाने का दावा
आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार में ही उनके मानदेय में वृद्धि की गई है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि भविष्य में भी उनकी मांगों को पूरा करने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। “आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को हमारी सरकार से उम्मीद है और हम उस पर खरा उतरेंगे,” उन्होंने कहा।
