जनगणना बताएगी उत्तराखंड में कितने बढ़े ‘घोस्ट विलेज’, 25 अप्रैल से शुरू होगी गणना

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जनगणना बताएगी उत्तराखंड में कितने बढ़े ‘घोस्ट विलेज’, 25 अप्रैल से शुरू होगी गणना

देहरादून/ उत्तराखंड में पलायन के कारण खाली हो चुके गांवों यानी ‘घोस्ट विलेज’ की वास्तविक संख्या का पता अब आगामी जनगणना से चलेगा। प्रदेश में 25 अप्रैल से शुरू होने वाली जनगणना प्रक्रिया के तहत सभी गांवों की विस्तृत गणना की जाएगी, जिससे यह स्पष्ट होगा कि पिछले वर्षों में पलायन और रिवर्स पलायन की स्थिति में कितना बदलाव आया है।

जनगणना निदेशालय उत्तराखंड ने इसके लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं। इसी क्रम में 9 मार्च से देहरादून में मास्टर ट्रेनरों का प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया जा रहा है। इन प्रशिक्षकों को मकान सूचीकरण और मकान गणना के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों के साथ-साथ मोबाइल एप और पोर्टल के माध्यम से डेटा एंट्री की पूरी प्रक्रिया सिखाई जाएगी। यही मास्टर ट्रेनर आगे प्रदेश के विभिन्न जिलों में जाकर गणना कर्मियों को प्रशिक्षण देंगे।

निदेशक जनगणना इवा आशीष श्रीवास्तव के अनुसार, जनगणना की प्रक्रिया दो चरणों में पूरी की जाएगी। पहले चरण में 25 अप्रैल से 24 मई के बीच भवन गणना (हाउस लिस्टिंग) का कार्य किया जाएगा। इसके बाद अगले वर्ष 9 फरवरी से 28 फरवरी के बीच जनसंख्या की वास्तविक गणना की जाएगी।

उन्होंने बताया कि वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार उत्तराखंड में कुल 16,793 गांव थे, जिनमें से 1,048 गांव ऐसे थे जो पलायन के कारण पूरी तरह खाली हो चुके थे। पिछले करीब 16 वर्षों में इन ‘घोस्ट विलेज’ की संख्या में कितना इजाफा हुआ है, यह नई जनगणना के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

उत्तराखंड में पलायन लंबे समय से एक बड़ा सामाजिक और आर्थिक मुद्दा रहा है। इसी समस्या को देखते हुए राज्य सरकार ने पलायन आयोग का गठन किया था, जो रिवर्स पलायन को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न योजनाओं पर काम कर रहा है। हालांकि कई क्षेत्रों में बदलाव की बातें सामने आती रही हैं, लेकिन वास्तविक स्थिति अब जनगणना के आंकड़ों से ही स्पष्ट होगी।

2011 की जनगणना के अनुसार जिलावार घोस्ट विलेज की स्थिति

जिला कुल गांव घोस्ट विलेज
उत्तरकाशी 707 13
चमोली 1246 76
रुद्रप्रयाग 688 35
टिहरी 1862 88
देहरादून 748 17
पौड़ी 3473 331
पिथौरागढ़ 1675 103
बागेश्वर 947 73
अल्मोड़ा 2289 105
चंपावत 717 55
नैनीताल 1144 44
उधमसिंह नगर 688 14
हरिद्वार 612 94

जनगणना निदेशालय का कहना है कि इस बार प्रदेश के हर गांव तक टीम पहुंचेगी। इससे यह भी पता चलेगा कि किन क्षेत्रों में पलायन बढ़ा है और किन जगहों पर रिवर्स पलायन की स्थिति बनी है।


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