मानसून आपदाओं से निपटने की तैयारी, देहरादून में 2 जुलाई को सात संवेदनशील स्थलों पर होगी मॉक ड्रिल

Our News, Your Views

मानसून आपदाओं से निपटने की तैयारी, देहरादून में 2 जुलाई को सात संवेदनशील स्थलों पर होगी मॉक ड्रिल

देहरादून। मानसून के दौरान संभावित आपदाओं से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए जिला प्रशासन देहरादून गुरुवार, 2 जुलाई को जनपद के सात संवेदनशील स्थलों पर व्यापक मॉक अभ्यास (मॉक ड्रिल) आयोजित करेगा। इस अभ्यास के माध्यम से बाढ़, भूस्खलन, जलभराव, सड़क अवरोध तथा राहत एवं बचाव कार्यों से जुड़ी विभिन्न परिस्थितियों में विभागों की तैयारी, समन्वय और संसाधनों की उपलब्धता का परीक्षण किया जाएगा।

जिला प्रशासन के अनुसार मॉक ड्रिल के लिए जनपद के विभिन्न आपदा संभावित क्षेत्रों को चिन्हित किया गया है। इनमें दूधली क्षेत्र, सुसवा नदी एवं सोंग नदी तटीय क्षेत्र गौहरीमाफी (ऋषिकेश), कार्लीगढ़ क्षेत्र, लंबीधार-दृकिमाड़ी मोटर मार्ग (मसूरी), चकराता-मोरी मोटर मार्ग (तहसील चकराता), सहसपुर-जमनीपुर क्षेत्र में आसन एवं स्वर्णा नदी तटीय क्षेत्र (विकासनगर) तथा सहस्रधारा क्षेत्र (देहरादून) शामिल हैं।

प्रशासन द्वारा इन स्थानों पर विभिन्न संभावित आपदा परिदृश्यों के अनुरूप राहत एवं बचाव अभियानों का अभ्यास किया जाएगा, जिससे किसी वास्तविक आपदा की स्थिति में त्वरित और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश

जिलाधिकारी Dr. Ashish Chauhan ने जनपद एवं तहसील स्तर पर गठित इंसिडेंट रिस्पॉन्स सिस्टम (आईआरएस) में नामित अधिकारियों तथा सभी संबंधित विभागों को निर्धारित समय पर पूर्ण तैयारी के साथ मॉक ड्रिल में अनिवार्य रूप से प्रतिभाग करने के निर्देश दिए हैं।

उन्होंने कहा कि आपदा प्रबंधन से जुड़े सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय और त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता विकसित करना इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य है। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि मॉक ड्रिल के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनुपस्थिति को गंभीरता से लिया जाएगा तथा संबंधित अधिकारी या कार्मिक के विरुद्ध आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा सकती है।

अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील

जिलाधिकारी ने आम जनता से अपील की है कि यह केवल मानसून आपदा प्रबंधन की तैयारियों का परीक्षण करने के लिए आयोजित एक अभ्यास है। इसलिए किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न दें और न ही घबराएं। उन्होंने नागरिकों से प्रशासन का सहयोग करने तथा मॉक ड्रिल के दौरान आवश्यक निर्देशों का पालन करने का आग्रह किया है।

जिला प्रशासन का मानना है कि इस तरह के अभ्यास से आपदा की स्थिति में राहत एवं बचाव कार्यों को अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा और जनहानि तथा संपत्ति के नुकसान को न्यूनतम करने में सहायता मिलेगी।


Our News, Your Views