हरिद्वार में नकली नोट छापने वाले गिरोह का भंडाफोड़, तीन आरोपी गिरफ्तार

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हरिद्वार में नकली नोट छापने वाले गिरोह का भंडाफोड़, तीन आरोपी गिरफ्तार

देहरादून/हरिद्वार। हरिद्वार पुलिस ने नकली नोटों के कारोबार पर बड़ी कार्रवाई करते हुए एक संगठित गिरोह का भंडाफोड़ किया है। श्यामपुर कोतवाली पुलिस ने चेकिंग अभियान के दौरान तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से भारी मात्रा में नकली नोट, प्रिंटेड शीट, लैपटॉप, प्रिंटर और अन्य उपकरण बरामद किए गए हैं।

पुलिस के अनुसार, गिरोह ऑनलाइन विशेष प्रकार का पेपर मंगवाकर अत्याधुनिक तकनीक की मदद से नकली नोट तैयार करता था और उन्हें बाजार में चलाने का काम करता था।

पहले भी पकड़े गए थे आरोपी

जानकारी के अनुसार, 27 जून को पुलिस ने 52,500 रुपये के नकली नोटों के साथ तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया था। पूछताछ के दौरान मिली जानकारियों के आधार पर पुलिस लगातार मामले की जांच कर रही थी।

इसी क्रम में 29 जून की सुबह पुलिस को महत्वपूर्ण सूचना प्राप्त हुई, जिसके बाद वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर लालढांग तिराहे पर सघन चेकिंग अभियान चलाया गया।

कार से मिला नकली नोट छापने का पूरा सेटअप

चेकिंग के दौरान पुलिस ने एक क्विड कार को रोककर तलाशी ली। तलाशी में कार के भीतर नकली नोट तैयार करने में इस्तेमाल होने वाले उपकरण और सामग्री बरामद हुई।

पुलिस ने मौके से लगभग 50 हजार रुपये के छपे हुए नकली नोट, 25 प्रिंटेड शीट, एक लैपटॉप, दो प्रिंटर और पांच मोबाइल फोन बरामद किए हैं।

ऑनलाइन मंगवाते थे स्पेशल पेपर

पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे ऑनलाइन स्पेशल पेपर मंगवाकर ग्राफिक सॉफ्टवेयर और असली नोटों की तस्वीरों की मदद से नकली नोट तैयार करते थे। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि गिरोह इससे पहले बिजनौर क्षेत्र में करीब 60 हजार रुपये के नकली नोट बाजार में चला चुका है।

पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी पुलिस

हरिद्वार की एसपी क्राइम निशा यादव ने बताया कि यह एक संगठित गिरोह है, जो लंबे समय से नकली नोटों के जरिए आर्थिक व्यवस्था को प्रभावित करने की साजिश में लगा हुआ था। तीनों आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और पूरे नेटवर्क की गहन जांच की जा रही है।

पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि गिरोह के संपर्क किन-किन क्षेत्रों तक फैले हुए हैं तथा इस अवैध कारोबार में अन्य लोग भी शामिल हैं या नहीं। अधिकारियों का कहना है कि आगे की जांच और संभावित छापेमारी में कुछ और महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं।


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