प्रधानमंत्री आवास योजना परियोजनाओं की निगरानी हुई सख्त, 30 से 45 दिनों में लंबित कार्य पूरे करने के निर्देश
देहरादून। मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami के निर्देशों के क्रम में प्रदेश में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के अंतर्गत संचालित परियोजनाओं को समयबद्ध रूप से पूरा करने के लिए आवास विभाग ने निगरानी और तेज कर दी है। इसी कड़ी में सचिव आवास एवं आयुक्त आवास विकास परिषद Dr. R. Rajesh Kumar की अध्यक्षता में बुधवार को एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के एएचपी घटक के अंतर्गत विभिन्न आवासीय परियोजनाओं में चल रहे बाह्य विकास कार्यों की प्रगति का विस्तृत आकलन किया गया। इस दौरान विद्युत आपूर्ति, पेयजल व्यवस्था और सड़क निर्माण से जुड़े कार्यों की समीक्षा करते हुए संबंधित कार्यदायी संस्थाओं को निर्धारित समयसीमा के भीतर सभी लंबित कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए गए।
लाभार्थियों को मूलभूत सुविधाओं से युक्त आवास उपलब्ध कराने पर जोर
समीक्षा बैठक में इस बात पर विशेष बल दिया गया कि प्रधानमंत्री आवास योजना केवल मकानों के निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि लाभार्थियों को सभी आवश्यक नागरिक सुविधाओं से युक्त बेहतर जीवन उपलब्ध कराना इसका प्रमुख उद्देश्य है।
अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि विद्युत कनेक्शन, जलापूर्ति नेटवर्क और सड़क संपर्क जैसे बुनियादी कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए। बैठक में कहा गया कि यदि आवास निर्माण पूरा होने के बाद भी बाह्य विकास कार्य लंबित रहते हैं, तो लाभार्थियों को योजना का पूर्ण लाभ नहीं मिल पाता है।
30 से 45 दिनों में तैयार होगी कार्ययोजना, समयबद्ध होंगे कार्य
बैठक में सभी कार्यदायी संस्थाओं को निर्देशित किया गया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत विद्युत, पेयजल और सड़क निर्माण से संबंधित सभी लंबित कार्य आगामी 30 से 45 दिनों के भीतर पूर्ण किए जाएं।
इसके लिए प्रत्येक एजेंसी को विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने को कहा गया है, जिसमें कार्यों की समयसीमा, जिम्मेदार अधिकारियों के नाम और संभावित पूर्णता तिथि का स्पष्ट उल्लेख होगा। अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए गए कि कार्यों में किसी प्रकार की अनावश्यक देरी न हो और निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप प्रगति सुनिश्चित की जाए।
विभागों के बीच समन्वय बढ़ाने पर जोर
बैठक में परियोजनाओं के क्रियान्वयन के दौरान आने वाली बाधाओं को समय रहते दूर करने पर भी चर्चा की गई। सचिव आवास ने संबंधित विभागों, स्थानीय निकायों और कार्यदायी संस्थाओं के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि भूमि संबंधी मुद्दों, तकनीकी स्वीकृतियों, संसाधनों की उपलब्धता और अन्य प्रशासनिक अड़चनों का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाए, ताकि परियोजनाओं की प्रगति प्रभावित न हो।
नियमित मॉनिटरिंग से सुनिश्चित होगी समय पर पूर्णता
सचिव आवास ने परियोजनाओं की नियमित निगरानी पर विशेष जोर देते हुए अधिकारियों को समय-समय पर प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार गरीब और जरूरतमंद परिवारों को बेहतर आवासीय सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है और योजना के सभी कार्य गुणवत्तापूर्ण एवं निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरे किए जाने चाहिए।
सचिव आवास का बयान
सचिव आवास एवं आयुक्त आवास विकास परिषद डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना केंद्र और राज्य सरकार की महत्वपूर्ण जनकल्याणकारी योजना है। इसका उद्देश्य लाभार्थियों को केवल आवास उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि उन्हें सभी आवश्यक आधारभूत सुविधाओं से युक्त बेहतर जीवन वातावरण प्रदान करना है।
उन्होंने कहा कि विद्युत, जलापूर्ति और सड़क निर्माण से जुड़े शेष कार्यों को 30 से 45 दिनों के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर नियमित मॉनिटरिंग की जाएगी, ताकि लाभार्थियों को समय पर योजना का पूरा लाभ मिल सके।
