उत्तराखंड कैबिनेट के बड़े फैसले: जुआ-सट्टेबाजी पर सख्त कानून, नेपाली अकादमी को मान्यता, अल्पसंख्यक आयोग का कार्यकाल घटा
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई उत्तराखंड कैबिनेट बैठक में कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक में सार्वजनिक स्थानों पर जुआ खेलने और जुआघर संचालित करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई का प्रावधान करने वाले उत्तराखंड सार्वजनिक द्यूत रोकथाम विधेयक-2026 को मंजूरी दी गई। इसके साथ ही भाषा संस्थान में नेपाली अकादमी को शामिल करने, अल्पसंख्यक आयोग के कार्यकाल में बदलाव तथा भूतपूर्व सैनिकों के आरक्षण से जुड़े प्रावधानों पर भी कैबिनेट ने मुहर लगाई।
जुआ और सट्टेबाजी पर सख्त कार्रवाई
कैबिनेट की मंजूरी के बाद प्रस्तावित उत्तराखंड सार्वजनिक द्यूत रोकथाम विधेयक-2026 को आगामी विधानसभा सत्र में सदन के पटल पर रखा जाएगा। इस विधेयक के लागू होने के बाद राज्य में जुआ और सट्टेबाजी से जुड़ी गतिविधियों पर कड़ी सजा का प्रावधान होगा।
प्रस्तावित कानून के अनुसार:
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सार्वजनिक स्थानों, सड़क या गली में जुआ खेलने पर तीन माह तक का कारावास या 5 हजार रुपये तक जुर्माना या दोनों हो सकते हैं।
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घर में जुआ खिलाने पर दो साल तक की जेल या 10 हजार रुपये तक जुर्माना का प्रावधान है।
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जुआघर संचालित करने पर पांच साल तक की जेल या एक लाख रुपये तक जुर्माना या दोनों सजा लागू हो सकती है।
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सिंडीकेट के रूप में सट्टेबाजी या संगठित जुए की गतिविधि चलाने पर न्यूनतम तीन से अधिकतम पांच वर्ष तक कारावास और 10 लाख रुपये तक जुर्माना लगाया जा सकेगा।
गौरतलब है कि वर्तमान में राज्य में केंद्र सरकार का 1867 का गैंबलिंग एक्ट लागू है, जिसमें जुआ खेलने और जुआघर चलाने पर अपेक्षाकृत मामूली जुर्माने का प्रावधान है। नए विधेयक के जरिए इन प्रावधानों को अधिक कठोर बनाया जा रहा है।
भाषा संस्थान में नेपाली अकादमी को शामिल करने का फैसला
कैबिनेट ने उत्तराखंड भाषा संस्थान (संशोधन) विधेयक को भी मंजूरी दी है। इसके तहत अब नेपाली अकादमी को भी भाषा संस्थान में शामिल किया जाएगा। अभी तक संस्थान में हिंदी, अंग्रेजी, उर्दू और पंजाबी भाषाओं को स्थान दिया गया था। इस निर्णय से राज्य में नेपाली भाषा और साहित्य को प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है।
नैनीताल में दो नए निजी विश्वविद्यालय स्थापित होंगे
कैबिनेट ने उत्तराखंड निजी विश्वविद्यालय (संशोधन) विधेयक को भी मंजूरी दी है। इस संशोधन के तहत नैनीताल जिले में तुलाज विश्वविद्यालय और शिवालिक विश्वविद्यालय नाम से दो निजी विश्वविद्यालय स्थापित किए जाएंगे।
अल्पसंख्यक आयोग के कार्यकाल में बदलाव
कैबिनेट ने उत्तराखंड अल्पसंख्यक आयोग (संशोधन) विधेयक-2026 को भी मंजूरी दी। इसके तहत आयोग के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और सदस्यों का कार्यकाल पांच वर्ष से घटाकर तीन वर्ष कर दिया गया है। राज्य में मुस्लिम, जैन, ईसाई, बौद्ध, पारसी और सिख समुदायों के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा और उनके सामाजिक-आर्थिक विकास के उद्देश्य से वर्ष 2002 में इस आयोग का गठन किया गया था।
भूतपूर्व सैनिकों के आरक्षण पर बनेगा अधिनियम
कैबिनेट ने भूतपूर्व सैनिकों को सरकारी नौकरियों में मिलने वाले आरक्षण से जुड़े प्रावधान को अधिनियम का रूप देने का भी निर्णय लिया है। वर्ष 2020 में जारी शासनादेश के अनुसार यदि कोई भूतपूर्व सैनिक आरक्षण का लाभ लेकर एक बार सरकारी नौकरी प्राप्त कर लेता है, तो वह भविष्य में किसी अन्य सरकारी पद के लिए आरक्षण का दावा नहीं कर सकेगा। इस प्रावधान को लेकर हाईकोर्ट के निर्देश के बाद अब इसे विधायी रूप देने का निर्णय लिया गया है।
