खटीमा में सैनिक सम्मान समारोह: मुख्यमंत्री धामी ने CSD कैंटीन व सैनिक मिलन केंद्र का किया लोकार्पण

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खटीमा में सैनिक सम्मान समारोह: मुख्यमंत्री धामी ने CSD कैंटीन व सैनिक मिलन केंद्र का किया लोकार्पण

खटीमा, 09 अप्रैल 2026।
पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को खटीमा के खेतलसंडा स्थित सीएसडी कैंटीन में आयोजित गौरव सैनिक सम्मान समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में प्रतिभाग किया। यह कार्यक्रम सेवा संकल्प धारिणी फाउंडेशन द्वारा उनके पिता स्व. सूबेदार शेर सिंह धामी की छठी पुण्यतिथि पर आयोजित किया गया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने 715.51 लाख रुपये की लागत से निर्मित सीएसडी कैंटीन एवं 162.26 लाख रुपये की लागत से बने सैनिक मिलन केंद्र का लोकार्पण किया। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने अपने पिता स्व. सूबेदार शेर सिंह धामी के चित्र पर श्रद्धा सुमन अर्पित किए और शहीदों को पुष्पांजलि देकर नमन किया।

मुख्यमंत्री ने शहीदों के परिजनों और वीर नारियों को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया। समारोह में 60 वीर नारियों और 80 वीर सैनिकों को सम्मानित किया गया।

अपने संबोधन में मुख्यमंत्री धामी भावुक नजर आए। उन्होंने कहा कि यह दिन उनके जीवन का सबसे दुखद दिन रहा, जब उन्होंने अपने पिता को खोया। उन्होंने कहा कि उनके पिता के विचार, सिद्धांत और अनुशासन आज भी उन्हें हर कदम पर मार्गदर्शन देते हैं।

उन्होंने कहा कि उनके पिता ने 28 वर्षों तक महार रेजिमेंट में सेवा देते हुए भारत-चीन युद्ध 1962, 1965 और भारत-पाक युद्ध 1971 सहित ऑपरेशन ब्लूस्टार और ऑपरेशन रक्षक जैसे महत्वपूर्ण अभियानों में योगदान दिया। बचपन में उनसे सुनी वीरता की कहानियों ने उनके भीतर देशभक्ति की भावना को मजबूत किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सैनिक की वर्दी केवल पोशाक नहीं, बल्कि सम्मान और जिम्मेदारी का प्रतीक होती है। उन्होंने यह भी कहा कि राजनीति उनके लिए पद प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि जनसेवा का मार्ग है।

उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश का रक्षा क्षेत्र तेजी से आगे बढ़ रहा है। वर्ष 2014-15 में जहां रक्षा उत्पादन लगभग 46 हजार करोड़ रुपये था, वहीं 2024-25 में यह बढ़कर 1.54 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। रक्षा निर्यात भी 38 हजार करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है और भारत 80 से अधिक देशों को रक्षा सामग्री निर्यात कर रहा है।

मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार की सैनिक कल्याण के प्रति प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि शहीदों के परिजनों को दी जाने वाली अनुग्रह राशि में वृद्धि की गई है और आश्रितों को सरकारी नौकरी प्रदान की जा रही है। वीरता पुरस्कार प्राप्त सैनिकों की आर्थिक सहायता भी बढ़ाई गई है।

उन्होंने बताया कि परमवीर चक्र विजेताओं को दी जाने वाली राशि 50 लाख रुपये से बढ़ाकर 1.5 करोड़ रुपये कर दी गई है। साथ ही देहरादून में भव्य सैन्य धाम का निर्माण किया जा रहा है। बलिदानी सैनिकों के आश्रितों के लिए सरकारी नौकरी हेतु आवेदन की समय सीमा 2 वर्ष से बढ़ाकर 5 वर्ष कर दी गई है।

कार्यक्रम में सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने भी अपने संबोधन में सैनिकों के सम्मान को गर्व का विषय बताया और कहा कि राज्य सरकार इस दिशा में लगातार कार्य कर रही है।


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