देहरादून में 79 और होम स्टे के पंजीकरण निरस्त, अब तक 96 इकाइयों पर कार्रवाई

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देहरादून में 79 और होम स्टे के पंजीकरण निरस्त, अब तक 96 इकाइयों पर कार्रवाई

देहरादून। जिला प्रशासन ने मानकों के विपरीत संचालित हो रहे 79 और होम स्टे के पंजीकरण निरस्त कर दिए हैं। इससे पहले 17 होम स्टे के खिलाफ कार्रवाई की गई थी। इस तरह अब तक कुल 96 होम स्टे के पंजीकरण रद्द किए जा चुके हैं।

जिलाधिकारी सविन बंसल ने बताया कि अप्रैल माह में “ऑपरेशन सफाई” अभियान शुरू किया गया था, जिसके तहत विभिन्न क्षेत्रों में होम स्टे इकाइयों की जांच की जा रही है। जिन होम स्टे के खिलाफ कार्रवाई की गई है, उनके नाम वेबसाइट से भी हटाए जा रहे हैं ताकि पर्यटकों और आम लोगों में किसी प्रकार का भ्रम न रहे।

136 निरीक्षणों में सामने आईं कई अनियमितताएं

जिला प्रशासन की पांच मजिस्ट्रेट टीमों ने अब तक 136 निरीक्षण किए हैं। जांच में पाया गया कि कई होम स्टे नियमों के विपरीत होटल और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की तरह संचालित किए जा रहे थे।

निरीक्षण के दौरान कई इकाइयों में अग्निशमन उपकरण नहीं मिले, खाद्य लाइसेंस अनुपलब्ध पाए गए और कई होम स्टे लीज तथा किराये पर संचालित होते मिले। प्रशासन के अनुसार, कई स्थानों पर होम स्टे स्वामी स्वयं निवास करते नहीं पाए गए, जबकि निर्धारित क्षमता से अधिक कमरे संचालित किए जा रहे थे।

अवैध गतिविधियों की भी मिली शिकायतें

प्रशासन को कुछ होम स्टे में नियम विरुद्ध देर रात तक बार संचालन, तेज आवाज में डीजे बजाने और अन्य गैरकानूनी गतिविधियों की शिकायतें भी मिली थीं।

इसके अलावा कुछ स्थानों पर उपद्रवी प्रवृत्ति के लोगों के ठहरने, नशे की हालत में हुड़दंग, तेज रफ्तार वाहन चलाने और हथियारों से फायरिंग जैसी घटनाएं सामने आने से कानून-व्यवस्था प्रभावित होने की बात भी जांच में सामने आई।

“स्थानीय संस्कृति को बढ़ावा देना है योजना का उद्देश्य”

जिलाधिकारी सविन बंसल ने कहा कि होम स्टे योजना का मूल उद्देश्य स्थानीय संस्कृति, पारंपरिक खानपान और स्थानीय लोगों की आय को बढ़ावा देना है। लेकिन कुछ लोग इसे पूरी तरह व्यावसायिक होटल की तरह संचालित कर रहे थे, जो नियमों के खिलाफ है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि मानकों के विपरीत संचालित होने वाले होम स्टे के खिलाफ आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी।


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