चारधाम यात्रा के दौरान परिवहन विभाग का सख्त अभियान, 312 वाहनों के चालान, 19 वाहन सीज
देहरादून, 13 जून। चारधाम यात्रा और पर्यटन सीजन के दौरान सड़कों पर बढ़ते वाहनों के दबाव को देखते हुए परिवहन विभाग ने सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करने और दुर्घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण के लिए विशेष इंटरसेप्टर चेकिंग अभियान शुरू किया है। 09 जून से प्रारंभ हुआ यह सघन अभियान 15 जून 2026 तक देहरादून और हरिद्वार जनपद के प्रमुख मार्गों पर संचालित किया जा रहा है।
अभियान के तहत ओवरस्पीडिंग, ड्रंक एंड ड्राइव, ओवरलोडिंग, अवैध पार्किंग तथा निजी वाहनों के व्यावसायिक उपयोग जैसे गंभीर यातायात उल्लंघनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। परिवहन विभाग का कहना है कि चारधाम यात्रियों और आम नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए नियम तोड़ने वालों के प्रति शून्य सहिष्णुता की नीति अपनाई गई है।
प्रमुख मार्गों पर तैनात इंटरसेप्टर टीमें
यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने और नियमों के उल्लंघन पर निगरानी रखने के लिए तीन प्रमुख मार्गों पर विशेष इंटरसेप्टर दल तैनात किए गए हैं—
- प्रेमनगर आश्रम से चंडी चौक – नेपाली फार्म मार्ग
- नेपाली फार्म – भानियावाला – जौलीग्रांट – रानीपोखरी मार्ग
- आईएसबीटी – मोहकमपुर – लच्छीवाला – डोईवाला मार्ग
इस अभियान का संचालन परिवहन कर अधिकारी वरुणा सैनी (हरिद्वार इंटरसेप्टर दल), हरीश रावल (रुड़की इंटरसेप्टर दल) और श्वेता रौथाण (देहरादून इंटरसेप्टर दल) के नेतृत्व में किया जा रहा है।
312 चालान, 19 वाहन सीज
अभियान के दौरान अब तक कुल 312 वाहनों के चालान किए गए हैं, जबकि गंभीर यातायात नियम उल्लंघन के मामलों में 19 वाहनों को सीज किया गया है।
कार्रवाई का विवरण
- ओवरस्पीडिंग: 76 वाहन निर्धारित गति सीमा से अधिक गति पर चलते पाए गए।
- रॉन्ग साइड ड्राइविंग: 50 वाहन गलत दिशा या लेन में संचालित होते मिले।
- बिना टैक्स संचालन: 36 वाहन बिना कर अदायगी के चलते पाए गए।
- बिना परमिट: 21 वाहन वैध परमिट के बिना संचालित हो रहे थे।
- बिना फिटनेस प्रमाणपत्र: 16 वाहन बिना वैध फिटनेस के सड़कों पर दौड़ते मिले।
- निजी वाहनों का व्यावसायिक उपयोग: 2 वाहनों को मौके पर ही सीज कर दिया गया।
अवैध पार्किंग के खिलाफ भी कार्रवाई
इंटरसेप्टर टीमों ने आईएसबीटी देहरादून, नेपाली फार्म और चंडी चौक हरिद्वार जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में अवैध रूप से खड़े वाहनों और बसों को हटाकर यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाया। विभाग के अनुसार इन वाहनों के कारण कई स्थानों पर जाम की स्थिति उत्पन्न हो रही थी।
यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन एवं सड़क सुरक्षा), देहरादून संभाग, डॉ. अनीता चमोला ने कहा कि चारधाम यात्रा के दौरान यात्रियों की सुरक्षा और निर्बाध यातायात सुनिश्चित करना विभाग की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा कि ओवरस्पीडिंग, बिना परमिट संचालन और अवैध पार्किंग सड़क दुर्घटनाओं के प्रमुख कारण हैं। ऐसे मामलों में विभाग शून्य सहिष्णुता की नीति पर कार्य कर रहा है। आधुनिक तकनीक से लैस इंटरसेप्टर टीमें 15 जून तक लगातार निगरानी और प्रवर्तन कार्रवाई जारी रखेंगी।
वाहन चालकों से अपील
डॉ. चमोला ने सभी वाहन चालकों से निर्धारित गति सीमा का पालन करने तथा आवश्यक और वैध दस्तावेज अपने साथ रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की साझा जिम्मेदारी है। सुरक्षित यात्रा ही सफल यात्रा की पहचान है।
