नाबार्ड परियोजनाओं में तेजी लाने के निर्देश, मुख्य सचिव ने तीन दिन में प्रस्ताव पोर्टल पर अपलोड करने को कहा
देहरादून। मुख्य सचिव Anand Bardhan की अध्यक्षता में सोमवार को सचिवालय में नाबार्ड की उच्च स्तरीय समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में ग्रामीण अवसंरचना विकास कोष (आरआईडीएफ) के अंतर्गत अधिक से अधिक परियोजनाओं को शामिल करने तथा लंबित और धीमी गति से चल रही परियोजनाओं में तेजी लाने पर विशेष जोर दिया गया।
बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने सभी विभागों को निर्देश दिए कि वे अपने प्रस्तावित प्रोजेक्ट अगले तीन दिनों के भीतर पोर्टल पर अपलोड करें। साथ ही गतिमान परियोजनाओं की प्रतिपूर्ति के लिए भी प्रस्ताव शीघ्र अपलोड किए जाएं, ताकि समय पर प्रतिपूर्ति जारी की जा सके।
धीमी परियोजनाओं पर जताई चिंता
मुख्य सचिव ने धीमी गति से चल रही परियोजनाओं पर चिंता व्यक्त करते हुए विभागों को पुरानी योजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विभागीय सचिवों को ऐसे प्रोजेक्ट्स की साप्ताहिक समीक्षा करनी चाहिए और कार्यों की नियमित निगरानी सुनिश्चित करनी चाहिए।
एकीकृत दृष्टिकोण से तैयार हों परियोजनाएं
बैठक में मुख्य सचिव ने कहा कि किसी भी क्षेत्र को योजनाओं का समुचित लाभ तभी मिल सकता है जब विभिन्न विभाग आपसी समन्वय और एकीकृत दृष्टिकोण के साथ परियोजनाएं तैयार करें।
उन्होंने कृषि और बागवानी क्षेत्र में क्लस्टर आधारित बड़े प्रोजेक्ट विकसित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि एक ही परियोजना के अंतर्गत कोल्ड चेन, परिवहन, भंडारण और अन्य आवश्यक अवसंरचनात्मक सुविधाओं को शामिल किया जाना चाहिए, जिससे किसानों और उत्पादकों को समग्र लाभ मिल सके।
नाबार्ड से तकनीकी सहयोग का अनुरोध
मुख्य सचिव ने National Bank for Agriculture and Rural Development से तकनीकी एवं विशेषज्ञ सहायता उपलब्ध कराने का अनुरोध किया। उन्होंने सुझाव दिया कि नाबार्ड को गतिशक्ति पोर्टल का एक्सेस उपलब्ध कराया जाए, ताकि विभिन्न परियोजनाओं का अध्ययन कर चयनित क्षेत्रों के लिए समग्र विकास योजना तैयार की जा सके।
उन्होंने नाबार्ड से पायलट प्रोजेक्ट के रूप में चार से पांच क्षेत्रों की पहचान कर उनके लिए व्यापक लिंकेज प्लान तैयार करने में सहयोग देने को कहा। इस पर नाबार्ड अधिकारियों ने शीघ्र विशेषज्ञ टीम गठित करने का आश्वासन दिया।
पॉलीहाउस परियोजना और पशु चिकित्सा सुविधाओं पर फोकस
मुख्य सचिव ने उद्यान विभाग को पॉलीहाउस परियोजना को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस परियोजना की सचिव स्तर पर नियमित साप्ताहिक समीक्षा की जाए और प्रगति की निरंतर निगरानी रखी जाए।
इसके अलावा पशुपालन विभाग को सभी जनपदों में बड़े पशु चिकित्सालय विकसित करने तथा दूरस्थ क्षेत्रों तक पशु स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के लिए कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश भी दिए गए।
पूर्ण परियोजनाओं की रिपोर्ट जल्द सौंपने के निर्देश
मुख्य सचिव ने सभी विभागों को निर्देश दिए कि जो परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं, उनके पूर्णता प्रमाण-पत्र और विस्तृत रिपोर्ट जल्द से जल्द नाबार्ड को उपलब्ध कराई जाएं, ताकि संबंधित प्रक्रियाओं को समय पर पूरा किया जा सके।
1,000 करोड़ रुपये के प्रस्तावों का लक्ष्य
बैठक में बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए आरआईडीएफ के अंतर्गत कुल 1,000 करोड़ रुपये के प्रस्तावों का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। अब तक 500 करोड़ रुपये से अधिक के प्रस्ताव शासन स्तर पर प्राप्त हो चुके हैं।
अधिकारियों ने जानकारी दी कि इनमें से 271 करोड़ रुपये के प्रस्ताव नाबार्ड को भेजे जा चुके हैं, जबकि 271 करोड़ रुपये की परियोजनाओं में से 210 करोड़ रुपये की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) भी नाबार्ड को प्राप्त हो चुकी है।
मुख्य सचिव ने सभी विभागों से लक्ष्य के अनुरूप कार्य करते हुए ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने वाली परियोजनाओं को प्राथमिकता देने का आह्वान किया।
