मुंबई में प्रवासी उत्तराखंडवासियों से मिले मुख्यमंत्री धामी, विकास यात्रा और ‘विकसित उत्तराखंड’ का विजन किया साझा

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मुंबई में प्रवासी उत्तराखंडवासियों से मिले मुख्यमंत्री धामी, विकास यात्रा और ‘विकसित उत्तराखंड’ का विजन किया साझा

मुंबई। मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami ने मुंबई में आयोजित प्रवासी उत्तराखंडवासियों के भव्य सम्मेलन में देश और विदेश में बसे उत्तराखंड मूल के लोगों से संवाद करते हुए उन्हें राज्य के विकास का महत्वपूर्ण भागीदार बताया। इस दौरान उन्होंने पिछले पांच वर्षों की विकास यात्रा, जनसेवा के संकल्प और विकसित उत्तराखंड के विजन को साझा किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आर्थिक राजधानी मुंबई में उत्तराखंड की संस्कृति, परंपराओं और मूल्यों को जीवंत बनाए रखने वाले प्रवासी उत्तराखंडवासियों के बीच उपस्थित होकर उन्हें विशेष गर्व और आत्मीयता का अनुभव हो रहा है। उन्होंने कहा कि भौगोलिक दूरी चाहे कितनी भी हो, उत्तराखंड और उसके प्रवासी परिवारों के बीच भावनात्मक संबंध हमेशा अटूट रहे हैं।

प्रवासी उत्तराखंडवासी हैं राज्य के सांस्कृतिक दूत

मुख्यमंत्री ने कहा कि देश-दुनिया में अपनी मेहनत, संस्कार और उपलब्धियों के माध्यम से प्रवासी उत्तराखंडवासी राज्य की प्रतिष्ठा को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा रहे हैं। उन्होंने उन्हें उत्तराखंड का सांस्कृतिक दूत और सबसे बड़ा ब्रांड एंबेसडर बताया।

उन्होंने कहा कि प्रवासी समाज का राज्य के प्रति प्रेम, समर्पण और जुड़ाव उत्तराखंड की सबसे बड़ी ताकत है, जो नई पीढ़ी को भी अपनी जड़ों, संस्कृति और परंपराओं से जोड़े रखने का कार्य कर रहा है।

प्रवासी उत्तराखंड परिषद से जुड़ रहे विशेषज्ञ और निवेशक

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने प्रवासी उत्तराखंडवासियों की प्रतिभा, अनुभव और विशेषज्ञता को राज्य के विकास से जोड़ने के लिए Pravasi Uttarakhand Parishad का गठन किया है।

उन्होंने कहा कि परिषद के माध्यम से देश-विदेश में रहने वाले उत्तराखंडवासी निवेश, शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन, नवाचार और अन्य विकासात्मक क्षेत्रों में सक्रिय भागीदारी निभा रहे हैं। सरकार उनके सुझावों और अनुभवों को विकास प्रक्रिया का महत्वपूर्ण आधार मानती है।

27 प्रवासियों ने 29 गांव लिए गोद

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्राकृतिक आपदाओं और अन्य चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में प्रवासी उत्तराखंडवासियों ने हमेशा आगे बढ़कर सहयोग किया है।

उन्होंने बताया कि राज्य सरकार के आह्वान पर अब तक 27 प्रवासी उत्तराखंडवासियों ने 29 गांवों को गोद लिया है, जहां शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और ग्रामीण विकास से जुड़े कार्य किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से Himani Shivpuri द्वारा अपने पैतृक गांव को गोद लेने के निर्णय की सराहना करते हुए इसे मातृभूमि के प्रति समर्पण का प्रेरक उदाहरण बताया।

निवेश, पर्यटन और रोजगार में प्रगति का उल्लेख

मुख्यमंत्री ने कहा कि Narendra Modi के मार्गदर्शन में उत्तराखंड तेजी से विकसित राज्य बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

उन्होंने बताया कि राज्य सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, बागवानी, पर्यटन, कनेक्टिविटी, महिला सशक्तिकरण और स्वरोजगार जैसे क्षेत्रों में योजनाबद्ध तरीके से कार्य कर रही है। एक जनपद-दो उत्पाद, हाउस ऑफ हिमालयाज, स्टेट मिलेट मिशन, एप्पल मिशन, कीवी मिशन, होम-स्टे योजना, वेड इन उत्तराखंड, लखपति दीदी और सौर स्वरोजगार योजना जैसी पहलों से स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली है।

निवेश प्रस्तावों में एक लाख करोड़ से अधिक धरातल पर

मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के माध्यम से राज्य को 3.76 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिनमें से एक लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश धरातल पर उतर चुका है।

उन्होंने कहा कि राज्य की अर्थव्यवस्था में लगातार वृद्धि हो रही है, प्रति व्यक्ति आय में बढ़ोतरी दर्ज की गई है और प्रदेश का बजट एक लाख करोड़ रुपये से अधिक पहुंच चुका है। साथ ही उद्योगों और स्टार्टअप्स की संख्या में भी लगातार विस्तार हो रहा है।

रिवर्स पलायन को मिली गति

मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यटन आधारित नीतियों के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। होटल, होम-स्टे और पर्यटन गतिविधियों में वृद्धि से रोजगार के नए अवसर सृजित हुए हैं और रिवर्स पलायन को भी बढ़ावा मिला है।

उन्होंने कहा कि जो लोग कभी रोजगार की तलाश में गांव छोड़ने को मजबूर थे, वे अब नए अवसरों के साथ अपनी मातृभूमि की ओर लौट रहे हैं।

सुशासन और सांस्कृतिक संरक्षण पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास के साथ-साथ राज्य सरकार उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत, सामाजिक मूल्यों और जनसांख्यिकीय संतुलन के संरक्षण के लिए भी प्रतिबद्ध है।

उन्होंने कहा कि राज्य में सख्त धर्मांतरण विरोधी कानून, दंगा विरोधी कानून, समान नागरिक संहिता (यूसीसी), नकल विरोधी कानून तथा भ्रष्टाचार के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस नीति लागू कर सुशासन को और मजबूत किया गया है।

प्रवासी समाज से विकास में भागीदारी का आह्वान

मुख्यमंत्री ने देश और विदेश में बसे सभी प्रवासी उत्तराखंडवासियों से अपने ज्ञान, अनुभव, निवेश, नवाचार और सामाजिक योगदान के माध्यम से राज्य के विकास में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया।

उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सरकार और प्रवासी समाज के साझा प्रयासों से उत्तराखंड को देश का सर्वश्रेष्ठ, समृद्ध और आत्मनिर्भर राज्य बनाने का लक्ष्य अवश्य प्राप्त किया जाएगा।

कार्यक्रम में प्रवासी उत्तराखंड संगठनों के पदाधिकारी, विभिन्न सामाजिक एवं सांस्कृतिक संस्थाओं के प्रतिनिधि, उद्योग जगत से जुड़े प्रवासी उत्तराखंडवासी तथा मुंबई एवं आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले बड़ी संख्या में उत्तराखंड मूल के लोग उपस्थित रहे।


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