राजस्व बढ़ाने के लिए एआई और डिजिटल तकनीक का सहारा लेगा उत्तराखंड, मुख्य सचिव ने दिए निर्देश

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राजस्व बढ़ाने के लिए एआई और डिजिटल तकनीक का सहारा लेगा उत्तराखंड, मुख्य सचिव ने दिए निर्देश

देहरादून। उत्तराखंड के मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने सोमवार को सचिवालय में राजस्व वृद्धि को लेकर अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में विभिन्न विभागों द्वारा लक्ष्य के सापेक्ष अर्जित राजस्व की जानकारी ली गई तथा राजस्व बढ़ाने के लिए नए प्रयासों और नवाचारों पर चर्चा की गई।

मुख्य सचिव ने कहा कि राज्य वस्तु एवं सेवा कर (एसजीएसटी) के क्षेत्र में अभी काफी संभावनाएं हैं। उन्होंने कर चोरी पर प्रभावी नियंत्रण के लिए एसजीएसटी विभाग को अगले चार से पांच महीनों में एआई आधारित जांच प्रणाली विकसित करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही कर संबंधी सभी विभागों के डाटा के एकीकरण पर भी जोर दिया गया।

बैठक में परिवहन विभाग के एएनपीआर कैमरों के प्रभावी उपयोग और उन्हें खनन, वन तथा राज्य कर विभाग से जोड़ने के निर्देश दिए गए। मुख्य सचिव ने सब-रजिस्ट्रार कार्यालयों में निबंधन एवं पंजीकरण संबंधी रिकॉर्ड के डिजिटलीकरण की आवश्यकता भी बताई।

खनन क्षेत्र में राजस्व बढ़ाने के लिए वन और गैर-वन क्षेत्रों में नए खनन लॉट चिन्हित करने तथा जिला प्रशासन का सहयोग लेने को कहा गया। उन्होंने वन निगम द्वारा संचालित न किए जा सकने वाले खनन एवं प्रकाष्ठ लॉट्स पर वन विभाग को स्वयं कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने कहा कि राज्य में जड़ी-बूटी क्षेत्र में भी आय की व्यापक संभावनाएं हैं। उन्होंने जड़ी-बूटियों से संभावित आय का अध्ययन कराने तथा कार्बन क्रेडिट और नए इको-टूरिज्म स्थलों के विकास को आय के नए स्रोतों के रूप में विकसित करने पर बल दिया।

उन्होंने आम जनता को प्रकाष्ठ की सुगम उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए ऑनलाइन व्यवस्था विकसित करने और इसके लिए आईटीडीए से तकनीकी सहयोग लेने के निर्देश भी दिए। बैठक में राजस्व बढ़ाने के लिए तकनीक आधारित समाधान और विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय पर विशेष जोर दिया गया।


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