देहरादून में जन सेवा केंद्रों पर प्रशासन का छापा, चार केंद्र सील; कंप्यूटर-लैपटॉप भी लिए कब्जे में
देहरादून। राजधानी देहरादून में जन सेवा केंद्रों की कार्यप्रणाली को लेकर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जिलाधिकारी आशीष चौहान के निर्देश पर प्रशासन की टीम ने अलग-अलग क्षेत्रों में संचालित जन सेवा केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान कई केंद्रों पर निर्धारित मानकों का पालन नहीं होने और अनियमितताएं मिलने पर प्रशासन ने मौके पर ही कार्रवाई की।
निरीक्षण के दौरान चार जन सेवा केंद्रों को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया। इसके अलावा कुछ केंद्रों से कंप्यूटर और लैपटॉप भी प्रशासन ने अपनी अभिरक्षा में लिए हैं। कार्रवाई के बाद जन सेवा केंद्र संचालकों में हड़कंप की स्थिति बनी हुई है।
एसडीएम के नेतृत्व में हुई औचक जांच
उप जिलाधिकारी अपूर्वा सिंह के नेतृत्व में जिला प्रशासन की टीम ने जन सेवा केंद्रों का अचानक निरीक्षण किया। टीम ने केंद्रों पर उपलब्ध व्यवस्थाओं, कामकाज के तरीके और निर्धारित नियमों एवं मानकों के अनुपालन की जांच की।
प्रशासन के मुताबिक, निरीक्षण के दौरान सामने आई कमियों और अनियमितताओं के आधार पर संबंधित केंद्र संचालकों के खिलाफ अलग-अलग स्तर पर कार्रवाई की गई।
चार जन सेवा केंद्र सील
जांच के दौरान शादमान के जन सेवा केंद्र में अनियमितताएं मिलने पर उसे तत्काल सील कर दिया गया। इसके अलावा हनी रमन के जन सेवा केंद्र पर भी कार्रवाई करते हुए उसे सील किया गया।
इसी तरह करन वर्मा और प्राची कौशिक के जन सेवा केंद्रों में भी जांच के दौरान कमियां सामने आईं। इसके बाद दोनों केंद्रों को बंद कर सील कर दिया गया।
इस प्रकार औचक निरीक्षण के दौरान कुल चार केंद्रों पर सील की कार्रवाई की गई।
कंप्यूटर और लैपटॉप प्रशासन ने लिए अभिरक्षा में
प्रशासन की कार्रवाई सिर्फ केंद्रों को सील करने तक सीमित नहीं रही। कुछ केंद्रों में इस्तेमाल किए जा रहे कंप्यूटर और लैपटॉप को भी प्रशासन ने अपनी अभिरक्षा में लिया है।
तहसीलदार सदर की ओर से शादमान, पूनम खन्ना और करन वर्मा के केंद्रों से CPU अभिरक्षा में लिए गए। वहीं पारुल बंसल और प्राची कौशिक के केंद्रों से लैपटॉप प्रशासन ने कब्जे में लिए हैं।
प्रशासन के अनुसार, इन उपकरणों को अभिरक्षा में लिए जाने की कार्रवाई निरीक्षण के दौरान सामने आई कमियों से संबंधित जांच के क्रम में की गई है। संबंधित संचालकों के खिलाफ आगे की प्रक्रिया नियमों के अनुसार तय की जाएगी।
एक CSC ID निरस्त करने की संस्तुति
निरीक्षण के दौरान पवन फर्स्वाण के जन सेवा केंद्र में भी कमियां सामने आईं। इसके बाद प्रशासन ने केंद्र की CSC ID निरस्त करने की संस्तुति उच्चाधिकारियों को भेजी है।
वहीं, पूनम खन्ना के केंद्र में मिली कमियों को लेकर उन्हें कड़ी चेतावनी जारी की गई है। पारुल बंसल के जन सेवा केंद्र पर अनियमितता पाए जाने के बाद उनका लैपटॉप भी प्रशासन ने अभिरक्षा में लिया है।
आम लोगों को मिलने वाली सेवाओं पर प्रशासन की नजर
जन सेवा केंद्रों के माध्यम से आम लोगों को विभिन्न सरकारी सेवाओं और सुविधाओं का लाभ उपलब्ध कराया जाता है। ऐसे में केंद्रों का निर्धारित नियमों और मानकों के अनुरूप संचालन जरूरी है।
उप जिलाधिकारी अपूर्वा सिंह ने स्पष्ट किया कि आम जनता को दी जाने वाली सेवाओं में लापरवाही, अनियमितता या अवैध वसूली को स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जन सेवा केंद्रों की जांच का अभियान आगे भी जारी रहेगा।
प्रशासन की टीमें अलग-अलग क्षेत्रों में संचालित केंद्रों का औचक निरीक्षण करेंगी और नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित संचालकों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
अपूर्वा सिंह, उप जिलाधिकारी ने कहा कि केंद्र संचालकों को निर्धारित मानकों के अनुरूप काम करना होगा और आम लोगों को सरकारी सेवाएं उपलब्ध कराने में किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
