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मुख्यमंत्री धामी बोले- महिला सशक्तिकरण के लिए समर्पित है सरकार, महिलाओं के उत्पादों को मिलेगा वैश्विक बाजार

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मातृशक्ति संवाद एवं सम्मान समारोह में सीएम ने महिलाओं से किया सीधा संवाद, कहा- सकारात्मक होकर लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करें, सरकार पूरी तरह आपके साथ

देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रदेश सरकार महिला सशक्तिकरण के लिए पूरी तरह समर्पित है। सरकार महिलाओं के बनाए उत्पादों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने के लिए संकल्पित होकर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि मातृशक्ति को सकारात्मक होकर अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करना होगा, सरकार पूरी तरह उनके साथ खड़ी है।

शनिवार को मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में मातृशक्ति संवाद एवं सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रदेश की महिलाओं से सीधा संवाद किया। संवाद में महिलाओं ने विभिन्न सरकारी योजनाओं से मिले लाभ को साझा करने के साथ ही योजनाओं को और प्रभावी बनाने के लिए अपने सुझाव भी मुख्यमंत्री के सामने रखे।

महिलाओं के उत्पादों को वैश्विक स्तर पर पहुंचाने का प्रयास

संवाद के दौरान एक सवाल का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं में कौशल और उद्यमिता विकास को बढ़ावा देने के साथ-साथ उनके द्वारा तैयार किए जा रहे उत्पादों को वैश्विक स्तर तक पहुंचाने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है।

उन्होंने कहा कि महिलाओं को उद्यमिता के क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री उद्यमशाला जैसी योजना लागू की गई है। इसके साथ ही महिला उद्यमियों को प्रोत्साहित करने के लिए आसान ऋण उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश और प्रदेश की महिलाएं लगातार सशक्त हो रही हैं। खासकर हिमालय जैसी हिम्मत रखने वाली उत्तराखंड की महिलाओं को केंद्र और राज्य सरकार की महिला केंद्रित नीतियों का विशेष लाभ मिला है।

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की महिलाएं मेहनत और प्रतिभा के दम पर लगातार आगे बढ़ रही हैं और सरकार उनकी क्षमताओं को नए अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में काम कर रही है।

महिला स्वयं सहायता समूहों को बड़े कारोबारी समूह बनाने पर जोर

महिला स्वयं सहायता समूहों को बड़े कारोबारी समूहों के रूप में विकसित करने के सुझाव पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सरकार इस दिशा में पहले से काम कर रही है। इसके लिए मुख्यमंत्री सशक्त बहना योजना संचालित की जा रही है।

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की महिलाओं द्वारा तैयार किए जाने वाले विशिष्ट उत्पादों को हाउस ऑफ हिमालयाज ब्रांड के माध्यम से नई पहचान दी गई है। सरकार का प्रयास है कि स्थानीय महिलाओं के उत्पादों को सिर्फ स्थानीय बाजार तक सीमित न रखा जाए, बल्कि उन्हें बड़े बाजारों तक पहुंचाया जाए।

मुख्यमंत्री ने बताया कि अब सरकार देहरादून के सहस्रधारा रोड पर एक बड़ा सेंटर विकसित कर रही है। इस सेंटर में उत्तराखंड के सभी 13 जिलों की महिलाओं द्वारा तैयार किए गए विशिष्ट उत्पाद बिक्री के लिए उपलब्ध होंगे।

उन्होंने कहा कि सरकार के प्रयासों से प्रदेश की महिलाएं अब सिलाई और बुनाई जैसे पारंपरिक कार्यों से आगे बढ़कर कारखाने चलाने तक में सक्षम हो रही हैं। महिलाओं को सकारात्मक सोच के साथ अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करना होगा और सरकार पूरी तरह उनके साथ है।

एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन और बस अड्डों पर भी मिलेंगे उत्पाद

महिला स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों की बिक्री के लिए जीएमवीएन और केएमवीएन के गेस्ट हाउस का इस्तेमाल किए जाने के सुझाव पर भी मुख्यमंत्री ने प्रतिक्रिया दी।

उन्होंने कहा कि महिला समूहों के उत्पादों को विभिन्न मेलों और आयोजनों के अलावा एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन और रोडवेज बस अड्डों पर बिक्री के लिए उपलब्ध कराया जा रहा है। इससे महिला समूहों द्वारा तैयार किए जा रहे उत्पादों को व्यापक बाजार उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि हाउस ऑफ हिमालयाज ब्रांड के उत्पाद ऑनलाइन बिक्री के लिए भी उपलब्ध हैं। उन्होंने महिलाओं से अपने उत्पादों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने का आह्वान किया।

सीएम धामी ने कहा कि जब किसी उत्पाद की गुणवत्ता अच्छी होती है तो लोगों का उस पर भरोसा बनता है और एक बार भरोसा कायम हो जाए तो ग्राहक खुद उस उत्पाद को खरीदने के लिए आगे आते हैं।

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की महिलाओं द्वारा तैयार किए जा रहे उत्पाद गुणवत्ता के मामले में बहुराष्ट्रीय कंपनियों के उत्पादों पर भी भारी पड़ते हैं।

मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना को सालभर लागू करने पर विचार

संवाद के दौरान मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना को पूरे वर्ष लागू किए जाने को लेकर भी सवाल किया गया। इस पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना को वर्षभर लागू किए जाने पर विचार किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि सरकार महिलाओं और महिला उद्यमियों को आगे बढ़ाने के लिए लगातार नए अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में काम कर रही है।

संवाद में भावुक हुआ माहौल

मातृशक्ति संवाद के दौरान एक महिला लाभार्थी ने अपने जीवन के संघर्ष की कहानी साझा की। महिला ने बताया कि उनके जीवन में एक ऐसा समय भी आया था, जब उनका घर तक बिक गया था और उनके बच्चे खाना खाने के लिए भी मोहताज हो गए थे।

उन्होंने बताया कि इसके बाद महिला स्वयं सहायता समूह से जुड़कर उन्होंने अपने परिवार को दोबारा संभाला। महिला ने कहा कि सरकार की ओर से समूहों को दिया जाने वाला बिना गारंटी का ऋण उनके लिए किसी वरदान से कम नहीं है।

महिला लाभार्थी ने केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं पर आधारित एक गीत भी स्वत:स्फूर्त तरीके से प्रस्तुत किया। इस दौरान कार्यक्रम का माहौल भावुक हो गया।

उन्होंने ‘हमें तो मोदी ने बहुत कुछ दिया है, बहुत शुक्रिया है’ गीत के जरिए महिलाओं को बिना ब्याज के ऋण, लखपति दीदी योजना, महिला स्वयं सहायता समूहों के गठन सहित अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं का उल्लेख किया।

महिला लाभार्थी ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की महिला सशक्तिकरण को समर्पित नीतियों के चलते महिलाएं लगातार मजबूत हो रही हैं और अपने परिवारों को आर्थिक रूप से संभालने के साथ-साथ आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।

कार्यक्रम में ये लोग रहे मौजूद

मातृशक्ति संवाद एवं सम्मान समारोह में विधायक दलीप रावत, गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष राजेंद्र अंथवाल, श्रीमती नेहा शर्मा, श्रीमती किरण भट्ट, डॉ. प्राची कंडवाल सहित बड़ी संख्या में मातृशक्ति उपस्थित रही।

कार्यक्रम के दौरान महिलाओं ने सरकारी योजनाओं से जुड़े अपने अनुभव मुख्यमंत्री के साथ साझा किए और महिला सशक्तिकरण, स्वरोजगार, उत्पादों की बिक्री, बाजार उपलब्धता तथा ऋण सुविधाओं को लेकर सुझाव भी दिए।

मुख्यमंत्री ने महिलाओं को भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार महिला सशक्तिकरण को प्राथमिकता देते हुए उनके कौशल, उद्यमिता और उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने के लिए लगातार काम करती रहेगी।


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