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बदरीनाथ धाम पहुंचे सीएम धामी, भगवान बदरीविशाल की पूजा कर लिया मास्टर प्लान के कार्यों का जायजा

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मुख्यमंत्री ने प्रदेश की सुख-समृद्धि और खुशहाली के लिए की पूजा-अर्चना, मास्टर प्लान के कार्यों को गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश

बदरीनाथ: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को श्री बदरीनाथ धाम पहुंचकर भगवान बदरीविशाल के दर्शन किए और विधिवत पूजा-अर्चना की। मुख्यमंत्री ने भगवान बदरीविशाल से प्रदेश की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की।

दर्शन और पूजा-अर्चना के बाद मुख्यमंत्री ने बदरीनाथ धाम में चल रहे विकास कार्यों का जायजा लिया। उन्होंने बदरीनाथ मास्टर प्लान के अंतर्गत संचालित विभिन्न निर्माण एवं विकास कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया और संबंधित अधिकारियों से कार्यों की प्रगति की जानकारी ली।

मास्टर प्लान के कार्यों का लिया जायजा

मुख्यमंत्री ने बदरीनाथ धाम में आस्था पथ सहित अन्य निर्माणाधीन कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों से निर्माण कार्यों की वर्तमान स्थिति, प्रगति और निर्धारित समयसीमा को लेकर जानकारी ली।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मास्टर प्लान के तहत किए जा रहे सभी निर्माण कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध तरीके से पूरे किए जाएं।

उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा का विशेष ध्यान रखा जाए। इसके साथ ही धाम की धार्मिक, आध्यात्मिक और पारंपरिक गरिमा को भी बनाए रखना जरूरी है।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विकास कार्यों के दौरान ऐसी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, जिससे श्रद्धालुओं को किसी तरह की असुविधा न हो और धाम की मूल पहचान भी सुरक्षित रहे।

धार्मिक और पौराणिक महत्व के अनुरूप विकसित हो रहा बदरीनाथ धाम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में श्री बदरीनाथ धाम को उसके धार्मिक एवं पौराणिक महत्व के अनुरूप भव्य, दिव्य और सुव्यवस्थित स्वरूप देने की दिशा में तेजी से कार्य किए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि मास्टर प्लान के अंतर्गत विकसित की जा रही सुविधाओं से बदरीनाथ धाम में आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास कार्यों में धाम की पारंपरिक पहचान, प्राकृतिक सौंदर्य और आध्यात्मिक स्वरूप के संरक्षण का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि बदरीनाथ केवल एक धार्मिक स्थल नहीं है, बल्कि देश की आस्था और आध्यात्मिक परंपरा का महत्वपूर्ण केंद्र है। इसलिए यहां होने वाले विकास कार्यों में आधुनिक सुविधाओं के साथ धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण का संतुलन जरूरी है।

बदरीनाथ धाम कथा महोत्सव में शामिल हुए सीएम धामी

मास्टर प्लान के कार्यों का निरीक्षण करने के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने श्री स्वामीनारायण गुरुकुल राजकोट संस्थान के तत्वावधान में आयोजित ‘बदरीनाथ धाम कथा महोत्सव’ में प्रतिभाग किया।

कथा महोत्सव में देश के विभिन्न क्षेत्रों से आए 150 से अधिक संत-साध्वी तथा 1200 से अधिक हरिभक्त शामिल हुए।

इस अवसर पर श्री स्वामीनारायण गुरुकुल राजकोट संस्थान के पूज्यपाद महंत स्वामी श्री देवप्रसाददास जी स्वामी, पूज्यपाद सद्गुरुवर्य धर्मवल्लभदास जी स्वामी सहित बड़ी संख्या में संत और श्रद्धालु मौजूद रहे।

कथा महोत्सव के दौरान बदरीनाथ धाम में धार्मिक और आध्यात्मिक वातावरण देखने को मिला। देश के विभिन्न हिस्सों से पहुंचे संतों और हरिभक्तों ने आयोजन में सहभागिता की।

बदरीनाथ धाम आना विशिष्ट आध्यात्मिक अनुभूति

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि श्री बदरीनाथ धाम आना अपने आप में एक विशिष्ट आध्यात्मिक अनुभूति है।

उन्होंने कहा कि भगवान बदरीविशाल की कृपा और आशीर्वाद से इस पावन धाम में संतों और श्रद्धालुओं के बीच आयोजित कथा महोत्सव में सहभागी होना उनके लिए सौभाग्य का विषय है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि श्री बदरीनाथ धाम भारत की सनातन चेतना और आध्यात्मिक विरासत का प्रमुख केंद्र है। भारतीय शास्त्रों में भी इस पवित्र धाम की महिमा का विशेष वर्णन मिलता है।

उन्होंने कहा कि यह भूमि सदियों से तप, साधना और आध्यात्मिक चेतना का केंद्र रही है।

सनातन संस्कृति और धार्मिक स्थलों के संरक्षण पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की प्राचीन विरासत, सनातन संस्कृति और आस्था के केंद्रों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए निरंतर कार्य किया जा रहा है।

प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में उत्तराखंड के प्रमुख तीर्थस्थलों पर श्रद्धालुओं के लिए सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। इसके साथ ही तीर्थस्थलों की धार्मिक एवं सांस्कृतिक पहचान को और अधिक सुदृढ़ करने की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि विकास के साथ-साथ धार्मिक स्थलों की मूल पहचान और परंपराएं भी सुरक्षित रहें।

‘उत्तराखंड का दशक’ संकल्प को साकार करने पर जोर

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बाबा केदार की भूमि से 21वीं सदी के तीसरे दशक को उत्तराखंड का दशक बताया था।

राज्य सरकार इस संकल्प को साकार करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है।

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड को प्रकृति ने अनुपम सौंदर्य के साथ-साथ अद्वितीय आध्यात्मिक संपदा भी प्रदान की है। चारधाम, पवित्र गंगा-यमुना, हिमालय और हेमकुंड साहिब सहित अनेक धार्मिक एवं आध्यात्मिक स्थल देवभूमि की विशिष्ट पहचान हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि इन तीर्थस्थलों का विकास श्रद्धालुओं की सुविधा के अनुरूप सुव्यवस्थित तरीके से किया जाए और इनकी आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक गरिमा भी अक्षुण्ण रहे।

संत समाज का मार्गदर्शन सदैव प्रेरणादायी

मुख्यमंत्री ने कहा कि संत समाज का आशीर्वाद और मार्गदर्शन समाज एवं राष्ट्र के लिए सदैव प्रेरणादायी रहा है।

उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आध्यात्मिक आयोजनों से हमारी सनातन परंपराओं, संस्कृति और जीवन मूल्यों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण योगदान मिलता है।

मुख्यमंत्री ने कथा महोत्सव में उपस्थित संतों और श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त किया तथा कहा कि ऐसे आयोजनों से आध्यात्मिक चेतना और सांस्कृतिक परंपराओं को आगे बढ़ाने में सहायता मिलती है।

ये लोग रहे मौजूद

इस अवसर पर राज्य मंत्री हरक सिंह, माधव प्रसाद सेमवाल, भाजपा जिलाध्यक्ष गजपाल सिंह बर्त्वाल, जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष गजेन्द्र सिंह रावत, भाजपा जिला महामंत्री विनोद कनवासी, अरुण मैठाणी, जिलाधिकारी गौरव कुमार, पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार सहित विभिन्न जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

बदरीनाथ धाम में मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान एक ओर जहां उन्होंने भगवान बदरीविशाल के दर्शन कर प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की, वहीं दूसरी ओर मास्टर प्लान के तहत चल रहे विकास कार्यों की प्रगति भी जानी। इसके साथ ही कथा महोत्सव में संतों और श्रद्धालुओं के बीच पहुंचकर उन्होंने बदरीनाथ धाम की धार्मिक और आध्यात्मिक महत्ता को रेखांकित किया।


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