पंतनगर विश्वविद्यालय ने देश को दी नई दिशा, कृषि वैज्ञानिकों और पूर्व छात्रों की भूमिका अहम: शिवराज सिंह चौहान

Our News, Your Views

पंतनगर विश्वविद्यालय ने देश को दी नई दिशा, कृषि वैज्ञानिकों और पूर्व छात्रों की भूमिका अहम: शिवराज सिंह चौहान

(रिपोर्ट: The Mountain Stories Desk)

पंतनगर/ऊधमसिंह नगर, 27 जून। पंडित गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, पंतनगर में आयोजित दो दिवसीय पूर्व छात्र सम्मेलन का शुभारंभ केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी तथा कृषि मंत्री गणेश जोशी ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। सम्मेलन के दौरान कृषि, अनुसंधान, नवाचार और राज्य के विकास में पूर्व छात्रों की भूमिका पर व्यापक चर्चा हुई।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि पंतनगर विश्वविद्यालय भारतीय कृषि इतिहास का गौरवशाली केंद्र है, जिसने देश को वैज्ञानिक, नीति-निर्माता, कृषि उद्यमी और उत्कृष्ट मानव संसाधन प्रदान किए हैं। उन्होंने कहा कि हरित क्रांति की इस पावन भूमि पर आकर वे स्वयं को धन्य महसूस कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि देश आज लगभग 377 मिलियन टन खाद्यान्न उत्पादन कर रहा है और भारत चावल उत्पादन में चीन को पीछे छोड़कर विश्व में प्रथम स्थान पर पहुंच चुका है। वहीं गेहूं उत्पादन भी अधिशेष स्तर पर है और भारतीय गेहूं व बासमती चावल की मांग वैश्विक बाजारों में लगातार बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि इन उपलब्धियों में पंतनगर विश्वविद्यालय का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण रहा है।

जलवायु परिवर्तन से निपटने में वैज्ञानिकों की भूमिका महत्वपूर्ण

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारतीय कृषि आज जलवायु परिवर्तन, गिरते भूजल स्तर, बदलते मौसम, मिट्टी की गुणवत्ता में गिरावट और रासायनिक उर्वरकों के अत्यधिक उपयोग जैसी गंभीर चुनौतियों का सामना कर रही है। इन समस्याओं का समाधान केवल वैज्ञानिक अनुसंधान, नवाचार और आधुनिक तकनीकों के माध्यम से ही संभव है।

उन्होंने कहा कि विकसित भारत का सपना तभी साकार होगा जब कृषि विकसित होगी और किसान समृद्ध होंगे। कृषि उत्पादों से जुड़े सभी अंतरराष्ट्रीय समझौतों में किसानों और राष्ट्रहित को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है।

उत्तराखंड के विकास में पूर्व छात्रों की अहम भूमिका: धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पूर्व छात्र कार्यशाला “ब्रेन 3.0 (बूस्टिंग रिसर्च, एकेडमिक, इनोवेशन एंड नेटवर्किंग)” को संबोधित करते हुए कहा कि विकसित उत्तराखंड के निर्माण में विश्वविद्यालयों के पूर्व छात्रों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि पंतनगर विश्वविद्यालय केवल एक शिक्षण संस्थान नहीं, बल्कि भारत की हरित क्रांति का प्रमुख केंद्र रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी संस्थान की वास्तविक पहचान उसकी इमारतों से नहीं, बल्कि वहां से निकले विद्यार्थियों की उपलब्धियों से होती है। पूर्व छात्र विश्वविद्यालय की सबसे बड़ी शक्ति हैं और उन्हें अपने ज्ञान एवं अनुभव को राज्य के विकास, अनुसंधान, नवाचार, स्टार्टअप और युवाओं के मार्गदर्शन से जोड़ना चाहिए।

उन्होंने कहा कि वर्तमान समय कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), ड्रोन तकनीक, डेटा एनालिटिक्स, जैव प्रौद्योगिकी और डिजिटल कृषि का युग है। ऐसे में विश्वविद्यालयों और पूर्व छात्रों को इन क्षेत्रों में नेतृत्वकारी भूमिका निभानी होगी।

पर्वतीय कृषि की चुनौतियों के समाधान पर जोर

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि उत्तराखंड की पर्वतीय कृषि छोटे और बिखरे खेतों, जंगली जानवरों के हमलों, युवाओं के पलायन, सीमित बाजार पहुंच और जलवायु परिवर्तन जैसी चुनौतियों का सामना कर रही है। इन समस्याओं का समाधान केवल सरकारी योजनाओं से नहीं, बल्कि अनुसंधान, नवाचार और सामूहिक प्रयासों से संभव है।

उन्होंने पूर्व छात्रों से किसानों और युवाओं को आधुनिक कृषि तकनीकों, जैविक खेती, कृषि प्रसंस्करण, डिजिटल मार्केटिंग और कृषि उद्यमिता के क्षेत्र में मार्गदर्शन देने का आह्वान किया।

पंतनगर विश्वविद्यालय को हेरिटेज विश्वविद्यालय घोषित करने की मांग

कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने कार्यक्रम में उपस्थित सभी अतिथियों और पूर्व छात्रों का स्वागत करते हुए कहा कि राज्य गठन के बाद कृषि भूमि में कमी आने के बावजूद प्रदेश में कृषि उत्पादन में लगभग तीन लाख टन की वृद्धि हुई है। उन्होंने पंतनगर विश्वविद्यालय को हेरिटेज विश्वविद्यालय घोषित किए जाने की मांग भी उठाई।

छात्रों से संवाद और धान रोपाई में लिया हिस्सा

इस अवसर पर केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पंतनगर संग्रहालय तथा स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा लगाए गए स्टॉलों का निरीक्षण किया। दोनों नेताओं ने विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों से संवाद किया और उनके साथ धान की रोपाई में भी हिस्सा लिया। केंद्रीय मंत्री ने विश्वविद्यालय परिसर में पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।

कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. एस.के. कश्यप ने सभी अतिथियों का स्वागत किया और विश्वविद्यालय की उपलब्धियों पर प्रकाश डाला।


Our News, Your Views