देहरादून, 02 अप्रैल 2025/ शहर में कॉपी-किताब की दुकानों पर प्रशासन की छापेमारी के दौरान बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। इस कार्रवाई में न केवल जीएसटी चोरी पकड़ी गई, बल्कि बिना इंटरनेशनल स्टैंडर्ड बुक नंबर (आईएसबीएन) वाली किताबों की बिक्री भी उजागर हुई। प्रशासन की इस सख्त कार्रवाई के बाद बुक डिपो संचालकों और उनसे जुड़े स्कूल प्रबंधन में हड़कंप मच गया है।
फर्जी आईएसबीएन नंबर और मनमानी कीमतों पर बिक्री
जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देश पर नेशनल बुक हाउस, ब्रदर बुक डिपो और एशियन बुक डिपो में छापेमारी की गई। जांच में पाया गया कि इन बुक डिपो में बिना आईएसबीएन नंबर की 20 से अधिक किताबें बेची जा रही थीं। इनमें या तो आईएसबीएन अंकित नहीं था या फिर गलत नंबर दर्ज किया गया था। ये किताबें विद्यालयी शिक्षा की लगभग सभी कक्षाओं से संबंधित हैं, जिससे यह संदेह गहरा गया है कि दून में डुप्लीकेट या चहेते प्रकाशकों की किताबें मनमाने दाम पर बेची जा रही हैं।
आईएसबीएन एक बार कोड की तरह होता है, जिससे किताब के लेखक, प्रकाशक, मूल नाम, कीमत और पृष्ठों की संख्या जैसी जानकारियां प्राप्त की जा सकती हैं। वर्ष 2007 तक यह 10 अंकों का होता था, जबकि अब 13 अंकों का होता है।
स्कूलों की भूमिका पर भी सवाल
क्रॉस रोड स्थित एशियन बुक डिपो में दून कैंब्रिज स्कूल और सनराइज एकेडमी की नोटबुक्स बिक्री के लिए रखी मिलीं। इससे यह संकेत मिलता है कि कुछ स्कूल, अभिभावकों पर दबाव डालकर खास बुक डिपो से ही किताबें खरीदने के लिए मजबूर कर रहे हैं।
बिना आईएसबीएन नंबर की जब्त किताबें
नेशनल बुक हाउस (डिस्पेंसरी रोड)
- जूलियस सीजर गाइड
- साहित्य सागर
- हिंदी व्याकरण गरिमा
- एकांकी संचय
- ट्रेजर चेस्ट (कक्षा 9 व 10)
- ट्रेजर चेस्ट नोट (कक्षा 9 व 10)
एशियन बुक डिपो (क्रॉस रोड)
- साहित्य सागर अभ्यास
- केमेस्ट्री लैब मैनुअल
- वसुधा
- जावा मेड सिंपल
ब्रदर बुक डिपो (सुभाष रोड)
- एकांकी संचय
- ट्रेजर चेस्ट (कक्षा 9 व 10)
- जूलियस सीजर वर्क बुक
- आनंदम संस्कृत पाठ्य पुस्तक
- द एसेंस ऑफ लाइफ मोरल वैल्यू
एफआईआर दर्ज, जांच जारी
जिलाधिकारी सविन बंसल ने बुक डिपो संचालकों पर सख्त कार्रवाई करते हुए तीन बुक डिपो – यूनिवर्सल बुक डिपो, नेशनल बुक डिपो और ब्रदर पुस्तक भंडार पर मुकदमे दर्ज करवाए हैं। इन दुकानों से कई ऐसी किताबें मिलीं, जिनके आईएसबीएन नंबर सत्यापित नहीं हो सके। इसके अलावा, बिल बुक जब्त कर ली गई हैं और संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।
डीएम बंसल ने संकेत दिया है कि अब निजी स्कूलों की भूमिका की भी जांच की जाएगी। अधिकारियों ने तीन अलग-अलग शिकायतों के आधार पर बीएनएस की धारा 318(2), 336(2), 349 के तहत मामले दर्ज किए हैं।
शिकायतकर्ताओं के बयान:
- राजकीय इंटर कॉलेज, सौड़ा सरोली, देहरादून के प्रधानाचार्य राम बाबू विमल की तहरीर पर नेशनल बुक हाउस के खिलाफ कार्रवाई की गई। उन्होंने बताया कि दुकान में कई किताबों पर आईएसबीएन नहीं था और ग्राहकों को बिल भी नहीं दिया जा रहा था।
- रा.इ.का. गुनियाल गांव, देहरादून के प्रधानाचार्य सुनील जोशी ने एशियन बुक डिपो के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि कई किताबों पर आईएसबीएन नहीं था और कुछ किताबें विशेष स्कूलों के नाम से बेची जा रही थीं।
- मुख्य शिक्षा अधिकारी देहरादून विनोद कुमार ढौंढियाल की शिकायत पर ब्रदर बुक डिपो के खिलाफ कार्रवाई की गई।
प्रशासन की सख्ती से दहशत में बुक डिपो संचालक
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों पर की गई इस कार्रवाई से अन्य बुक डिपो संचालक भी चिंतित हैं। शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन के इस कदम से अब अन्य स्कूलों और बुक डिपो की भी गहन जांच की जा सकती है।
प्रशासन का यह कड़ा रुख शिक्षा माफिया और जीएसटी चोरी करने वालों के खिलाफ बड़ा संदेश है। अब यह देखना होगा कि इस अभियान के तहत और कौन-कौन शिकंजे में आता है।