केदारनाथ परंपरा को लेकर विवाद, रावल भीमा शंकर लिंग ने दी आमरण अनशन की चेतावनी

Our News, Your Views

गुप्तकाशी विश्वनाथ मंदिर में पुजारी तैनाती आदेश पर उठे सवाल

रुद्रप्रयाग/ऊखीमठ: बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) के सीईओ द्वारा जारी पुजारी तैनाती आदेश को लेकर केदारनाथ धाम की परंपराओं पर विवाद खड़ा हो गया है। भीमा शंकर लिंग ने इस आदेश को परंपरा के विपरीत बताते हुए आमरण अनशन की चेतावनी दी है।

जानकारी के अनुसार, गुप्तकाशी विश्वनाथ मंदिर में भगवान की पूजा-अर्चना के लिए वर्तमान में पुजारी शांत लिंग तैनात हैं। बुधवार को उनका स्थानांतरण ओंकारेश्वर मंदिर किए जाने का आदेश जारी किया गया। वहीं, उनके स्थान पर ईश्वर लिंग की तैनाती का आदेश बीकेटीसी के सीईओ द्वारा जारी किया गया।

इस पर कड़ा विरोध जताते हुए केदारनाथ के रावल भीमा शंकर लिंग ने बीकेटीसी के उच्च अधिकारियों को पत्र भेजा है। उन्होंने कहा कि केदारनाथ धाम में परंपरा के अनुसार पांच पुजारियों की व्यवस्था होती है, जिनमें वर्तमान में एक पद रिक्त चल रहा है। रावल के अनुसार, पुजारियों की नियुक्ति उनकी संस्तुति के आधार पर की जाती है।

रावल ने पत्र में कहा कि शांत लिंग को उन्होंने स्वयं संस्तुति पत्र जारी किया था, जिसके आधार पर उन्हें गुप्तकाशी विश्वनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना के लिए तैनात किया गया था और वर्तमान में वहां परंपरा के अनुसार नियमित पूजा-पाठ संचालित हो रहा है।

उन्होंने आरोप लगाया कि बुधवार को अचानक ईश्वर लिंग की नियुक्ति का आदेश जारी कर दिया गया, जबकि इसके लिए रावल की ओर से कोई संस्तुति नहीं दी गई थी। रावल ने इसे परंपराओं के विपरीत बताते हुए आदेश को तत्काल स्थगित करने और धार्मिक परंपराओं की रक्षा करने की मांग की है।

वहीं, सोहन सिंह रागड़ ने कहा कि आदेश पत्र जारी किया गया है। उन्होंने बताया कि इस मामले में केदारनाथ रावल से वार्ता की जाएगी और परंपरा के अनुरूप आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।


Our News, Your Views