देहरादून के बैरागीवाला में युवक की हत्या के बाद बवाल, आगजनी और पथराव; 4 आरोपी गिरफ्तार, क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात

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देहरादून के बैरागीवाला में युवक की हत्या के बाद बवाल, आगजनी और पथराव; 4 आरोपी गिरफ्तार, क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात

देहरादून, 14 जून। देहरादून जिले के सहसपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत बैरागीवाला गांव में सिंचाई के पानी को लेकर हुए विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। विवाद के दौरान भाजपा ओबीसी मोर्चा के मीडिया प्रभारी विनोद की हत्या के बाद क्षेत्र में तनाव फैल गया। घटना के विरोध में रविवार को आक्रोशित लोगों ने प्रदर्शन किया, जिसके दौरान आगजनी और पथराव की घटनाएं भी सामने आईं। प्रशासन ने हालात को नियंत्रित करने के लिए भारी पुलिस बल तैनात कर दिया है।

पानी के विवाद से शुरू हुआ मामला

जानकारी के अनुसार 13 जून को खेतों की सिंचाई के लिए पानी को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद हुआ था। आरोप है कि विवाद के दौरान एक पक्ष के कई लोगों ने विनोद पर धारदार हथियारों से हमला कर दिया, जिससे उनकी मृत्यु हो गई। घटना के बाद मृतक के परिजन और ग्रामीण देर रात तक पुलिस थाने में डटे रहे तथा आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग करते रहे। इस दौरान स्थानीय विधायक मुन्ना सिंह चौहान भी पीड़ित परिवार के साथ मौजूद रहे।

हत्या के बाद भड़का आक्रोश

रविवार सुबह बड़ी संख्या में स्थानीय लोग, बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ता बैरागीवाला में एकत्रित हुए और आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शन के दौरान कुछ लोगों ने आरोपियों के घरों के बाहर आगजनी की। एक आरोपी के घर में आग लगाने की भी सूचना है। स्थिति बिगड़ने पर कुछ स्थानों पर पथराव हुआ, जिसमें कई लोगों के घायल होने की खबर है।

12 लोगों के खिलाफ मुकदमा, 4 गिरफ्तार

देहरादून के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) प्रमेन्द्र डोबाल ने बताया कि मामले में रज्जाक, इम्तियाज, अमन, यूनुस, शाहबाज, शराफत अली, मासूम, आदिल, शमून, सलमान, जावेद और इंतजार सहित 12 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।

पुलिस ने अब तक चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनकी पहचान रज्जाक पुत्र मासूम, सलमान पुत्र यूनुस, जावेद पुत्र मासूम और शाहबाज पुत्र शहीद के रूप में हुई है। सभी आरोपी बैरागीवाला गांव के निवासी बताए गए हैं।

प्रशासन अलर्ट, क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ाई गई

जिलाधिकारी आशीष चौहान ने बताया कि क्षेत्र में सांप्रदायिक तनाव की संभावना को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारियों की तैनाती की गई है। एसडीएम स्तर के अधिकारियों को मौके पर निगरानी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। प्रशासन मृतक के परिवार के लगातार संपर्क में है तथा उन्हें दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाया गया है।

सोशल मीडिया पर भी विशेष निगरानी रखी जा रही है ताकि किसी प्रकार की अफवाह फैलने से रोका जा सके।

आरोपियों के घरों पर चला बुलडोजर

स्थानीय प्रशासन ने आरोपियों के मकानों पर अवैध अतिक्रमण का आरोप लगाते हुए बुलडोजर कार्रवाई शुरू कर दी। प्रशासन की ओर से मकानों की बाउंड्रीवाल तोड़े जाने की जानकारी दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि क्षेत्र में फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है और शांति व्यवस्था बनाए रखने के प्रयास जारी हैं।

मुख्यमंत्री धामी ने की घटना की निंदा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने घटना पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि देवभूमि उत्तराखंड की शांति और सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि कानून को चुनौती देने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी ताकि भविष्य में कोई ऐसी हरकत करने का साहस न कर सके।

विधायक ने पुलिस व्यवस्था पर उठाए सवाल

घटना के बाद विकासनगर विधायक मुन्ना सिंह चौहान ने पुलिस अधिकारियों द्वारा फोन न उठाने की शिकायतों पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि यदि समय पर शिकायतों का संज्ञान लिया जाए तो कई घटनाओं को रोका जा सकता है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए।

क्षेत्र में तनाव, लेकिन स्थिति नियंत्रण में

हत्या के बाद बैरागीवाला और आसपास के क्षेत्रों में तनाव का माहौल बना हुआ है। पुलिस और पीएसी की कई टुकड़ियां क्षेत्र में तैनात हैं। प्रशासन लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील कर रहा है।


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