उत्तराखंड में फिर शुरू होगा ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ अभियान, 4 जुलाई से लगेंगे विशेष शिविर
देहरादून। प्रदेशवासियों की समस्याओं के त्वरित समाधान और सरकारी सेवाओं को सीधे जनता तक पहुंचाने के उद्देश्य से उत्तराखंड सरकार एक बार फिर ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ अभियान शुरू करने जा रही है। मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami के निर्देश पर 4 जुलाई से 15 दिनों तक यह विशेष अभियान प्रदेशभर में संचालित किया जाएगा।
अभियान के तहत जिला, ब्लॉक और तहसील स्तर पर विशेष शिविर आयोजित किए जाएंगे, जहां विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहकर लोगों की शिकायतों का मौके पर निस्तारण करेंगे। साथ ही पात्र लाभार्थियों को विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी और लाभ भी उपलब्ध कराया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा है कि आम लोगों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए सरकारी कार्यालयों के बार-बार चक्कर न लगाने पड़ें। इसके बजाय प्रशासन और विभागीय अधिकारी स्वयं जनता के बीच पहुंचकर उनकी समस्याओं का समाधान करें। इसी सोच के अनुरूप राज्य सरकार ने पिछले वर्ष दिसंबर माह में भी यह अभियान चलाया था, जिसे व्यापक जनसमर्थन और सकारात्मक परिणाम प्राप्त हुए थे।
सेवा पखवाड़ा के तहत होगा आयोजन
इस बार मुख्यमंत्री के कार्यकाल के सफल पांच वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर 4 जुलाई से शुरू हो रहे 15 दिवसीय सेवा पखवाड़ा के अंतर्गत अभियान का दूसरा चरण आयोजित किया जा रहा है। सरकार का उद्देश्य प्रशासन और जनता के बीच संवाद को मजबूत करना तथा सरकारी सेवाओं को अधिक सुलभ बनाना है।
पिछले अभियान में 5 लाख से अधिक लोगों ने लिया था हिस्सा
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, दिसंबर माह में संचालित 45 दिवसीय अभियान के दौरान प्रदेशभर में 681 शिविर लगाए गए थे। इन शिविरों में 5,33,452 से अधिक नागरिकों ने प्रत्यक्ष रूप से भागीदारी की थी। अभियान के दौरान लगभग 33 हजार जन शिकायतों का त्वरित समाधान भी किया गया था।
राज्य सरकार के अनुसार, इस पहल को सुशासन और जनसेवा की एक प्रभावी कार्यप्रणाली के रूप में सराहा गया। लोगों को बिना अनावश्यक भागदौड़ के विभिन्न सरकारी सेवाओं का लाभ मिला, जिससे प्रशासनिक व्यवस्था के प्रति विश्वास भी मजबूत हुआ।
अधिकारियों को दिए गए विशेष निर्देश
सरकार ने सभी जनपदों में अभियान के सफल संचालन के लिए संबंधित विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों की अनिवार्य उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। शिविरों में प्राप्त शिकायतों का समयबद्ध और प्रभावी समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि लोगों को बिना किसी परेशानी के सरकारी सेवाएं उपलब्ध कराना ही सुशासन की पहली सीढ़ी है। इसी उद्देश्य के साथ राज्य सरकार जनता के द्वार तक पहुंचकर उनकी समस्याओं का समाधान करने के लिए प्रतिबद्ध है।
