उत्तराखंड में अग्नि सुरक्षा पर सख्ती, मुख्य सचिव ने सभी भवनों का सर्वे और सेफ्टी ऑडिट कराने के दिए निर्देश
देहरादून। राज्य में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने के उद्देश्य से मुख्य सचिव आनंद बर्धन ने सभी सरकारी और गैर-सरकारी भवनों में अग्नि सुरक्षा मानकों को सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने सभी सचिवों और जिलाधिकारियों को विशेष अभियान चलाकर संवेदनशील भवनों का स्थलीय सर्वेक्षण कराने के आदेश दिए हैं।
मुख्य सचिव ने निर्देशित किया है कि विशेष रूप से अधिक ऊंचाई वाले भवनों, अत्यधिक भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों, असुरक्षित निकासी मार्ग वाले परिसरों तथा तंग गलियों और रास्तों में स्थित इमारतों का अनिवार्य रूप से निरीक्षण किया जाए। उन्होंने कहा कि इस अभियान का उद्देश्य संभावित अग्नि दुर्घटनाओं के जोखिम को समय रहते समाप्त करना और जनहानि की आशंका को न्यूनतम करना है।
सभी विभागों में होगा व्यापक सेफ्टी ऑडिट
मुख्य सचिव ने शासन के सभी विभागों के सचिवों को अपने-अपने विभागों और संबंधित क्षेत्रों का व्यापक सेफ्टी ऑडिट कराने की जिम्मेदारी सौंपी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सर्वेक्षण और ऑडिट के बाद सभी भवनों में आवश्यक अग्नि सुरक्षा मानकों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि फायर सेफ्टी नॉर्म्स का नियमित अनुपालन कराया जाए तथा सुरक्षा मानकों के पालन की सतत निगरानी की जाए। किसी भी स्तर पर लापरवाही को गंभीरता से लिया जाएगा।
सुरक्षा मानकों में ढिलाई बर्दाश्त नहीं
मुख्य सचिव ने कहा कि राज्य में तेजी से बढ़ते शहरीकरण और बहुमंजिला भवनों की संख्या को देखते हुए अग्नि सुरक्षा के प्रति विशेष सतर्कता आवश्यक है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि भवनों में अग्निशमन उपकरणों की उपलब्धता, आपातकालीन निकासी मार्गों की स्थिति और अन्य सुरक्षा व्यवस्थाओं की भी गहन जांच की जाए।
राज्य सरकार का मानना है कि समय रहते प्रभावी निरीक्षण और सुरक्षा मानकों का अनुपालन सुनिश्चित कर संभावित दुर्घटनाओं को रोका जा सकता है तथा लोगों की जान-माल की सुरक्षा को मजबूत बनाया जा सकता है।
