‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ सेवा पखवाड़े का शुभारंभ, ₹219 करोड़ की 51 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास
ऋषिकेश। राज्यपाल Gurmit Singh और मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami ने शनिवार को आईडीपीएल ग्राउंड, ऋषिकेश में आयोजित ‘सेवा, सुशासन एवं समर्पण: जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ सेवा पखवाड़ा कार्यक्रम में प्रतिभाग करते हुए प्रदेशवासियों को संबोधित किया। इस अवसर पर दोनों नेताओं ने देहरादून जनपद की ₹219 करोड़ से अधिक लागत की 51 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया।
सुशासन और जनकल्याण का प्रतीक है अभियान: राज्यपाल
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राज्यपाल गुरमीत सिंह ने कहा कि सेवा पखवाड़ा अभियान लोकसेवा, सुशासन और जनकल्याण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता का सशक्त प्रतीक है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की वास्तविक सफलता तभी है, जब शासन की योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम छोर पर खड़े प्रत्येक व्यक्ति तक सम्मान, संवेदनशीलता, पारदर्शिता और समयबद्धता के साथ पहुंचे।
राज्यपाल ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को मुख्यमंत्री के रूप में पांच वर्ष से अधिक समय तक सफलतापूर्वक दायित्व निभाने पर बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि जनता के विश्वास, लोकतांत्रिक स्थिरता और विकास की निरंतरता का प्रतीक है।
यूसीसी और नकल विरोधी कानून का किया उल्लेख
राज्यपाल ने कहा कि उत्तराखंड ने पिछले कुछ वर्षों में कई ऐतिहासिक और दूरदर्शी निर्णय लिए हैं। उन्होंने कहा कि समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने वाला उत्तराखंड देश का पहला राज्य बना, जिसने समानता, न्याय और सामाजिक समरसता को मजबूत किया है।
उन्होंने युवाओं के हितों की रक्षा के लिए लागू सशक्त नकल विरोधी कानून, जबरन धर्मांतरण के खिलाफ कड़े कानूनी प्रावधान, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों पर सख्ती और प्रभावी भू-कानून जैसे निर्णयों को सुशासन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
महिलाओं और युवाओं के सशक्तिकरण पर जोर
राज्यपाल ने कहा कि महिलाओं, युवाओं, किसानों और सीमांत क्षेत्रों के नागरिकों की भागीदारी राज्य के विकास में महत्वपूर्ण है। उन्होंने सरकारी सेवाओं में महिलाओं को 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण, स्वयं सहायता समूहों के सशक्तीकरण और ‘लखपति दीदी’ योजना को महिला सशक्तिकरण की दिशा में उल्लेखनीय पहल बताया।
उन्होंने युवाओं से स्टार्टअप और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) जैसे नवाचार आधारित क्षेत्रों में आगे आने का आह्वान भी किया।
2035 तक विकसित उत्तराखंड बनाने का लक्ष्य: मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि पांच वर्ष पूर्व उन्हें देवभूमि उत्तराखंड की सेवा का अवसर मिला था और यह यात्रा जनसेवा, सुशासन एवं समर्पण की भावना के साथ लगातार आगे बढ़ रही है।
उन्होंने प्रधानमंत्री Narendra Modi और प्रदेश की जनता का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जनता का विश्वास और स्नेह ही उनकी सबसे बड़ी शक्ति है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार के लिए यह अवसर उत्सव का नहीं, बल्कि आत्ममंथन और जनसेवा के संकल्प को और अधिक मजबूत करने का है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य वर्ष 2035 तक उत्तराखंड को विकसित और श्रेष्ठ राज्य बनाना है।
रोजगार, निवेश और स्वरोजगार पर फोकस
मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने के लिए नई स्टार्टअप नीति, एक जनपद-दो उत्पाद योजना, होमस्टे योजना और सौर स्वरोजगार योजना जैसी कई पहलें संचालित की जा रही हैं।
उन्होंने बताया कि ‘लखपति दीदी’ योजना के तहत प्रदेश की 2.65 लाख से अधिक महिलाएं आत्मनिर्भर बन चुकी हैं। साथ ही सरकारी नौकरियों में महिलाओं को 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण देकर उन्हें सशक्त बनाने का कार्य किया गया है।
निवेश और पर्यटन में उल्लेखनीय प्रगति का दावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में निवेश, पर्यटन और रोजगार के क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति हुई है। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के माध्यम से प्राप्त निवेश प्रस्तावों में से एक लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश धरातल पर उतर चुका है।
उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा, शीतकालीन पर्यटन, राष्ट्रीय खेलों और जी-20 बैठकों के सफल आयोजन ने उत्तराखंड को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाई है।
34 हजार से अधिक युवाओं को मिली सरकारी नौकरी
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया और सख्त नकल विरोधी कानून के माध्यम से युवाओं को निष्पक्ष अवसर उपलब्ध कराए हैं। पिछले पांच वर्षों में 34 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी सेवाओं में नियुक्ति दी जा चुकी है।
उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उनका लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। इसी उद्देश्य से ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ सेवा पखवाड़ा कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है।
अधिकारियों को दिए जनसमस्याओं के त्वरित समाधान के निर्देश
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे जनता के बीच जाकर उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करें और प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाएं।
उन्होंने प्रदेशवासियों से जनभागीदारी, सेवा और विकास के संकल्प के साथ उत्तराखंड को वर्ष 2035 तक विकसित एवं श्रेष्ठ राज्य बनाने के अभियान में सहभागी बनने का आह्वान किया।
