उत्तराखंड में मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान तेज, 79.57 लाख मतदाताओं का डेटा डिजिटाइज; 15 सितंबर को प्रकाशित होगी अंतिम सूची
देहरादून। उत्तराखंड में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के तहत मतदाता सूची को अद्यतन करने का कार्य अंतिम चरण में पहुंच गया है। अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी Dr. Vijay Kumar Jogdande ने शनिवार को सचिवालय स्थित मीडिया सेंटर में आयोजित प्रेस वार्ता में अभियान की प्रगति और आगामी कार्यक्रमों की जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि राज्य में 1 जुलाई 2026 की अर्हता तिथि के आधार पर विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया संचालित की जा रही है। 8 जून से 7 जुलाई तक गणना पत्रों के वितरण और डिजिटाइजेशन का कार्य किया गया, जिसके तहत अधिकांश मतदाताओं का डेटा डिजिटल स्वरूप में दर्ज कर लिया गया है।
71 लाख से अधिक मतदाताओं के फॉर्म हुए डिजिटाइज
अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि प्रदेश में कुल 79 लाख 60 हजार 762 मतदाताओं के सापेक्ष 71 लाख 16 हजार 650 मतदाताओं के फॉर्म डिजिटाइज किए जा चुके हैं।
उन्होंने कहा कि “अनकलेक्टेड श्रेणी” में कुल 8 लाख 41 हजार 20 मतदाता शामिल हैं। इनमें—
- 1,24,278 मृत मतदाता
- 4,79,762 स्थायी रूप से स्थानांतरित (शिफ्ट) मतदाता
- 61,888 पहले से पंजीकृत मतदाता
- 1,66,741 अनुपस्थित मतदाता
- 8,351 अन्य कारणों से शामिल मतदाता
शामिल हैं।
उन्होंने बताया कि इस प्रकार कुल 79 लाख 57 हजार 670 मतदाताओं से संबंधित डेटा और फॉर्म का डिजिटाइजेशन पूरा कर लिया गया है।
14 जुलाई को जारी होगी ड्राफ्ट मतदाता सूची
अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि पुनरीक्षण कार्यक्रम के अनुसार 14 जुलाई 2026 को ड्राफ्ट मतदाता सूची (ड्राफ्ट रोल) प्रकाशित की जाएगी।
इसके बाद 14 जुलाई से 13 अगस्त 2026 तक दावे और आपत्तियां दर्ज कराने का अवसर दिया जाएगा। वहीं 14 जुलाई से 11 सितंबर 2026 तक नोटिस जारी करने तथा प्राप्त दावों और आपत्तियों के निस्तारण की प्रक्रिया चलेगी।
उन्होंने बताया कि अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 15 सितंबर 2026 को किया जाएगा।
राजनीतिक दलों से सहयोग की अपील
डॉ. जोगदंडे ने विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान को सफल बनाने के लिए सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों से सक्रिय सहयोग की अपील की। उन्होंने कहा कि प्रत्येक बूथ पर शत-प्रतिशत बूथ लेवल एजेंट (BLA) नियुक्त किए जाने चाहिए, ताकि मतदाता सूची की शुद्धता और पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके।
प्रदेश में 23 हजार से अधिक बीएलए तैनात
अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी के अनुसार, उत्तराखंड के 11,733 मतदान केंद्रों के सापेक्ष विभिन्न राजनीतिक दलों द्वारा अब तक 23,102 बूथ लेवल एजेंट नियुक्त किए जा चुके हैं।
पार्टीवार आंकड़ों के अनुसार—
- Bharatiya Janata Party (भाजपा) – 11,504 बीएलए
- Indian National Congress (कांग्रेस) – 11,105 बीएलए
- Communist Party of India (Marxist) – 378 बीएलए
- Bahujan Samaj Party – 115 बीएलए
जबकि Aam Aadmi Party द्वारा अभी तक एक भी बीएलए नियुक्त नहीं किया गया है।
मतदाता सूची की शुद्धता पर विशेष जोर
निर्वाचन विभाग का कहना है कि विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान का उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक सटीक, अद्यतन और त्रुटिरहित बनाना है, ताकि आगामी चुनावों में केवल पात्र मतदाता ही सूची में शामिल रहें और निर्वाचन प्रक्रिया की पारदर्शिता बनी रहे।
