हरकी पैड़ी पर शराब के नशे में युवकों का हंगामा, महिलाओं से अभद्रता का आरोप; चार गिरफ्तार
हरिद्वार। Har Ki Pauri में देर रात शराब के नशे में धुत चार युवकों द्वारा हुड़दंग और महिलाओं से अभद्रता किए जाने का मामला सामने आया है। घटना के बाद स्थानीय लोगों और तीर्थ पुरोहितों में भारी आक्रोश देखने को मिला। आरोप है कि युवकों ने बाजार क्षेत्र और गंगा घाट पर महिलाओं के साथ अभद्र व्यवहार किया तथा गंगा में स्नान के दौरान भी हंगामा मचाया। स्थानीय लोगों ने पूरी घटना का वीडियो मोबाइल कैमरों में रिकॉर्ड कर लिया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार चारों युवक नशे की हालत में हरकी पैड़ी क्षेत्र में पहुंचे थे और ठीक से चल भी नहीं पा रहे थे। आरोप है कि उन्होंने राह चलती महिलाओं के साथ अभद्र टिप्पणियां और छेड़छाड़ की कोशिश की। जब युवकों का व्यवहार लगातार उग्र होता गया तो आसपास मौजूद लोगों और तीर्थ पुरोहितों ने उन्हें घेर लिया। इस दौरान मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई।
सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और चारों युवकों को हिरासत में ले लिया। बताया गया कि पुलिस को देखते ही कुछ युवकों ने भागने की कोशिश भी की, जबकि एक युवक अत्यधिक नशे की हालत में गंगा घाट से बाहर तक नहीं निकल पा रहा था। पुलिस सभी को थाने ले गई, जहां उनके खिलाफ कार्रवाई करते हुए चालान किया गया।
Ujjwal Pandit ने कहा कि प्रशासन को हरकी पैड़ी और आसपास के क्षेत्रों में निगरानी और सख्त करनी चाहिए ताकि धर्मनगरी की मर्यादा बनी रहे। वहीं Sanjeet Kandari ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस ने कार्रवाई करते हुए चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया और क्षेत्र में हुड़दंग करने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जा रहे हैं।
घटना ऐसे समय सामने आई है जब हाल के दिनों में Rishikesh और हरिद्वार में पर्यटकों द्वारा अभद्र व्यवहार की घटनाओं को लेकर सोशल मीडिया पर बहस तेज रही है। कुछ दिन पहले ऋषिकेश में भी युवकों द्वारा कथित अभद्रता के बाद विवाद की स्थिति बनी थी। इसी बीच एक हरियाणा आधारित यूट्यूबर द्वारा हरिद्वार और ऋषिकेश को लेकर की गई टिप्पणी भी चर्चा में रही।
हालांकि Shri Ganga Sabha के पदाधिकारियों और स्थानीय लोगों ने स्पष्ट कहा है कि किसी एक राज्य विशेष के लोगों को ऐसी घटनाओं के लिए जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं है। उनका कहना है कि तीर्थनगरी की गरिमा बनाए रखना सभी आगंतुकों और स्थानीय लोगों की साझा जिम्मेदारी है।
