कैंची धाम मेले के लिए व्यापक तैयारियां, भारी वाहनों पर रोक; 1500 से अधिक पुलिसकर्मी संभालेंगे सुरक्षा व्यवस्था
नैनीताल। विश्व प्रसिद्ध कैंची धाम स्थापना दिवस एवं बाबा नीब करौरी महाराज जन्मोत्सव मेले को लेकर पुलिस और प्रशासन ने व्यापक यातायात एवं सुरक्षा व्यवस्था लागू कर दी है। इस वर्ष मेले में पांच लाख से अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए भारी वाहनों की आवाजाही पर प्रतिबंध, विशेष डायवर्जन प्लान, अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती और बाजारों को देर रात तक खुला रखने जैसे कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं।
भारी वाहनों पर रहेगा प्रतिबंध
प्रशासन द्वारा जारी यातायात योजना के अनुसार 13 जून की सुबह 6 बजे से रात 11 बजे तक तथा 13 जून की मध्यरात्रि 12 बजे से 14 जून की रात 11 बजे तक कैंची धाम मार्ग पर भारी मालवाहक वाहनों का संचालन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।
अल्मोड़ा और बागेश्वर जाने वाले भारी वाहन रामनगर-मोहन-रानीखेत मार्ग से अपने गंतव्य तक पहुंचेंगे, जबकि पिथौरागढ़ और चंपावत जाने वाले वाहन टनकपुर मार्ग से भेजे जाएंगे। आवश्यक सेवाओं से जुड़े राशन, फल, सब्जी और अन्य जरूरी सामान ले जाने वाले वाहनों को निर्धारित समयावधि में ही आवागमन की अनुमति दी जाएगी।
बसों और छोटे वाहनों के लिए विशेष रूट प्लान
14 जून की दोपहर 2 बजे से 16 जून की दोपहर 12 बजे तक केमू और रोडवेज की अल्मोड़ा, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जाने वाली बसों को भवाली-कैंची धाम मार्ग पर प्रवेश नहीं मिलेगा। इन्हें खुटानी बैंड से डायवर्ट कर रामगढ़ और मुक्तेश्वर मार्ग से भेजा जाएगा।
ज्योलीकोट, भीमताल और अन्य क्षेत्रों से पहाड़ की ओर जाने वाले छोटे टैक्सी वाहनों के लिए भी अलग डायवर्जन योजना लागू की गई है। वहीं अल्मोड़ा, बागेश्वर और जागेश्वर क्षेत्र से हल्द्वानी लौटने वाले वाहनों को क्वारब और नथुवाखान मार्ग से होकर भेजा जाएगा।
दोपहिया वाहनों की आवाजाही भी रहेगी बंद
14 जून की सुबह 8 बजे से 16 जून की शाम 4 बजे तक कैंची धाम क्षेत्र में दोपहिया वाहनों का संचालन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। ऐसे वाहनों को काठगोदाम रेलवे स्टेशन, नगर निगम इंटर कॉलेज काठगोदाम, विकास भवन भीमताल तथा फरसौली स्थित परिवहन निगम पार्किंग में खड़ा किया जाएगा।
1500 से अधिक पुलिसकर्मी और अर्धसैनिक बल तैनात
श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पुलिस प्रशासन ने अभूतपूर्व सुरक्षा व्यवस्था लागू की है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नैनीताल डॉ. मंजूनाथ टीसी के अनुसार मेले के दौरान 1500 से अधिक पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी विभिन्न ड्यूटी प्वाइंट्स पर तैनात रहेंगे।
इसके अतिरिक्त एसएसबी, पीएसी, एसडीआरएफ, फायर सर्विस, बम निरोधक दस्ता (बीडीएस), आतंकवाद निरोधक दस्ता (एटीएस) तथा अन्य सुरक्षा एजेंसियों को भी तैनात किया जाएगा। सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) की दो कंपनियां भी क्षेत्र में पहुंच चुकी हैं। जिले की सीमाओं पर 17 स्थानों पर वाहनों की सघन जांच की जाएगी।
होटल, होमस्टे और बाजारों पर विशेष नजर
सुरक्षा के मद्देनजर नैनीताल, हल्द्वानी, भवाली और आसपास के क्षेत्रों के होटल, गेस्ट हाउस एवं होमस्टे की रैंडम चेकिंग के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही मेला क्षेत्र और संपर्क मार्गों से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई भी की जा रही है।
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए 11 जून से 16 जून तक नैनीताल, भीमताल, भवाली, रामनगर, हल्द्वानी और काठगोदाम के बाजारों को मध्यरात्रि तक खुले रखने की अनुमति दी गई है। भोजनालय, मेडिकल स्टोर और अन्य आवश्यक सेवाओं से जुड़े प्रतिष्ठान भी देर रात तक संचालित होंगे।
वाहनों पर लगाए जाएंगे विशेष रूट स्टिकर
यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए विभिन्न मार्गों पर जाने वाले वाहनों के लिए अलग-अलग रंगों के विशेष स्टिकर जारी किए गए हैं। वाहन जिस गंतव्य के लिए पंजीकृत होगा, उसे उसी निर्धारित मार्ग पर चलना होगा। नियमों के उल्लंघन पर वाहन सीज किए जाने की कार्रवाई भी की जा सकती है।
35 डायवर्जन प्वाइंट बनाए गए
भीड़ और यातायात दबाव को नियंत्रित करने के लिए जिले में 35 प्रमुख डायवर्जन प्वाइंट स्थापित किए गए हैं। इनमें कालाढूंगी, लामाचौड़, तीनपानी, भीमताल, खुटानी बैंड, भवाली, रामगढ़, क्वारब, बेतालघाट, रानीखेत पुल समेत कई महत्वपूर्ण स्थान शामिल हैं।
पांच लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान
पुलिस और प्रशासन का अनुमान है कि इस बार कैंची धाम मेले में पांच लाख से अधिक श्रद्धालु पहुंच सकते हैं। इनमें से लगभग ढाई लाख श्रद्धालुओं के 15 जून को पहुंचने की संभावना है, जबकि शेष श्रद्धालु 13, 14 और 16 जून के दौरान पहुंचेंगे।
प्रशासन का कहना है कि श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुगम और सुविधाजनक यात्रा अनुभव उपलब्ध कराना प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से व्यापक यातायात, सुरक्षा, पार्किंग और जनसुविधा संबंधी व्यवस्थाएं लागू की गई हैं।
