उत्तराखंड में शिक्षकों के तबादले का रास्ता साफ, 2 हजार से ज्यादा शिक्षकों ने किया आवेदन
देहरादून। उत्तराखंड शिक्षा विभाग में शिक्षकों के अनुरोध के आधार पर तबादलों का रास्ता साफ हो गया है। शासन ने स्पष्ट किया है कि शिक्षकों के तबादलों पर हाईकोर्ट की कोई रोक नहीं है। ऐसे में निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार तबादला आदेश और सूची जारी करने में कोई कानूनी बाधा नहीं है।
शिक्षा सचिव ज्योति यादव की ओर से जारी आदेश में विभागीय अधिकारियों को शिक्षकों से प्राप्त तबादला आवेदनों पर नियमानुसार और निर्धारित समय सीमा के भीतर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। आदेश में उत्तराखंड लोक सेवकों के लिए स्थानांतरण अधिनियम, 2017 की धारा 17(1)(ख) के खंड एक से पांच में निर्धारित प्रावधानों के तहत प्राप्त आवेदनों पर कार्रवाई करने को कहा गया है।
शिक्षा सचिव ने कहा कि बृहस्पतिवार को तबादलों को लेकर स्थिति स्पष्ट होने के बाद विभागीय अधिकारियों को शिक्षकों के तबादले की प्रक्रिया आगे बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।
जिला स्तर पर शुरू हुई कार्रवाई
निदेशक प्रारंभिक शिक्षा कुंवर सिंह रावत के मुताबिक शासन का आदेश प्राप्त होने के बाद सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को इसकी जानकारी दे दी गई है। कुछ जिलों में जिला स्तर से शिक्षकों के तबादले भी किए जा चुके हैं।
शिक्षक अपने तबादला आदेश विभागीय वेबसाइट के माध्यम से देख सकेंगे।
इन शिक्षकों को अनुरोध के आधार पर मिलेगा तबादला
शासन के आदेश के तहत निर्धारित श्रेणियों में आने वाले शिक्षकों के अनुरोध पर तबादले किए जाने हैं। इनमें—
- गंभीर रूप से बीमार और दिव्यांग कार्मिक
- पति या पत्नी की बीमारी अथवा दिव्यांगता के आधार पर अनुरोध करने वाले कार्मिक
- मानसिक रूप से विक्षिप्त एवं लाचार बच्चों के माता-पिता
- ऐसे सेवारत पति-पत्नी जिनका इकलौता पुत्र या पुत्री दिव्यांग हो
- प्रदेश सरकार की सेवा में कार्यरत पति या पत्नी की ओर से सामान्य श्रेणी के क्षेत्र में तैनाती का अनुरोध
- विधवा और विधुर कार्मिक
- सक्षम न्यायालय के आदेश से घोषित परित्यक्ता एवं तलाकशुदा कार्मिक
- वरिष्ठ कार्मिक
शामिल हैं।
दो हजार से अधिक शिक्षकों ने किया आवेदन
शिक्षा विभाग में अनुरोध के आधार पर तबादले के लिए दो हजार से अधिक शिक्षकों ने आवेदन किया है। इनमें दोनों मंडलों के सहायक अध्यापक एलटी, प्रवक्ता के साथ-साथ प्राथमिक और जूनियर हाईस्कूलों के शिक्षक भी शामिल हैं।
अब शासन से स्थिति स्पष्ट होने के बाद इन आवेदनों पर निर्धारित नियमों और समयसीमा के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। इससे लंबे समय से तबादले का इंतजार कर रहे शिक्षकों को राहत मिलने की उम्मीद है।
