UKPSC Exam Calendar 2026: 16 प्रवक्ता परीक्षाओं का शेड्यूल जारी, अन्य भर्तियों को लेकर युवाओं में निराशा
देहरादून:
उत्तराखंड में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए बड़ी खबर सामने आई है। उत्तराखंड लोक सेवा आयोग (UKPSC) ने वर्ष 2026 का बहुप्रतीक्षित परीक्षा कैलेंडर जारी कर दिया है। इस कैलेंडर में अप्रैल से दिसंबर 2026 तक आयोजित होने वाली विभिन्न परीक्षाओं की प्रस्तावित तिथियां घोषित की गई हैं, जिससे अभ्यर्थियों को अपनी तैयारी की रणनीति बनाने में स्पष्ट दिशा मिलेगी।
अप्रैल से शुरू होगा परीक्षा सिलसिला
जारी कार्यक्रम के अनुसार 21 से 24 अप्रैल तक उत्तराखंड न्यायिक सेवा (सिविल जज) मुख्य परीक्षा आयोजित होगी, जबकि 27 से 30 अप्रैल के बीच PCS मुख्य परीक्षा प्रस्तावित है।
प्रवक्ता परीक्षाओं पर फोकस
इस बार आयोग का मुख्य जोर राजकीय इंटर कॉलेजों में प्रवक्ता (Lecturer) भर्ती परीक्षाओं पर नजर आ रहा है। मई से दिसंबर 2026 के बीच कुल 16 विषयों की मुख्य परीक्षाएं आयोजित की जाएंगी, जिनमें—
- 9 मई: भौतिक विज्ञान
- 10 मई: नागरिक शास्त्र
- 30 मई: हिंदी
- 31 मई: इतिहास
- 11 जून: कृषि
- 5 जुलाई: गणित
- 12 जुलाई: जीव विज्ञान
- 26 जुलाई: अंग्रेजी
- 23 अगस्त: रसायन विज्ञान
- 20 सितंबर: वाणिज्य
- 27 सितंबर: भूगोल
- 11 अक्टूबर: अर्थशास्त्र
- 18 अक्टूबर: समाजशास्त्र
- 23 अक्टूबर: संस्कृत
- 29 नवंबर: गृह विज्ञान
- 6 दिसंबर: कला
अधिकांश परीक्षाएं रविवार को आयोजित की जाएंगी, ताकि अधिकतम अभ्यर्थी शामिल हो सकें।
अन्य परीक्षाएं भी शामिल
- 19 मई: समीक्षा अधिकारी/सहायक समीक्षा अधिकारी (लेखा) परीक्षा
- 19 जुलाई: हाईकोर्ट में टाइपिस्ट, लाइब्रेरियन, अनुवादक आदि पदों की स्क्रीनिंग परीक्षा
इसके अलावा 6 सितंबर और 4 अक्टूबर की तिथियां आरक्षित रखी गई हैं, जिन पर जरूरत के अनुसार अन्य परीक्षाएं या संशोधन किए जा सकते हैं।
युवाओं में बढ़ी चिंता
हालांकि कैलेंडर जारी होने से अभ्यर्थियों को तैयारी के लिए स्पष्ट रोडमैप मिला है, लेकिन कई महत्वपूर्ण भर्तियों का जिक्र न होने से युवाओं में निराशा भी देखी जा रही है।
नई PCS, लोअर PCS, AE, JE, समीक्षा अधिकारी और सहायक समीक्षा अधिकारी जैसी बहुप्रतीक्षित भर्तियों को लेकर कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई है, जिससे उम्मीदवारों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
आयोग ने दी महत्वपूर्ण सलाह
आयोग ने स्पष्ट किया है कि सभी तिथियां प्रस्तावित हैं और परिस्थितियों के अनुसार इनमें बदलाव संभव है। अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि वे नियमित रूप से आधिकारिक वेबसाइट और नोटिफिकेशन पर नजर बनाए रखें।
निष्कर्ष
एक ओर जहां परीक्षा कैलेंडर ने लंबे समय से इंतजार कर रहे उम्मीदवारों को राहत दी है, वहीं दूसरी ओर सीमित भर्तियों और महत्वपूर्ण पदों की अनुपस्थिति ने कई सवाल भी खड़े कर दिए हैं।
