रेखा आर्या की कथित 210 करोड़ की संपत्ति पर जांच की मांग, सतर्कता अधिष्ठान पहुंचा मामला
देहरादून। उत्तराखंड की कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या और उनके पति गिरधारी लाल साहू के बीच चल रहा विवाद अब राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप से आगे बढ़कर जांच की मांग तक पहुंच गया है। मंत्री के पास कथित तौर पर 210 करोड़ रुपये की अवैध संपत्ति होने के आरोपों को लेकर अधिवक्ता पंकज सिंह क्षेत्री ने सतर्कता अधिष्ठान में शिकायत देकर निष्पक्ष जांच की मांग की है। इस बीच कांग्रेस ने भी मामले में ईडी या आयकर विभाग से जांच कराने की मांग उठाई है।
संपत्तियों और आय के स्रोतों की जांच की मांग
शिकायत के मुताबिक, गिरधारी लाल साहू ने 16 अक्टूबर को एक वीडियो जारी कर रेखा आर्या पर करीब 210 करोड़ रुपये की कथित अवैध संपत्ति अर्जित करने का आरोप लगाया था। इसके बाद अधिवक्ता पंकज सिंह क्षेत्री ने 17 अक्टूबर को सतर्कता अधिष्ठान में शिकायत देकर मामले की जांच कराने का अनुरोध किया।
शिकायतकर्ता ने मांग की है कि कथित संपत्तियों के स्वामित्व के साथ बैंक खातों, सावधि जमा, शेयरों, निवेश, कंपनियों और अन्य वित्तीय हितों की पड़ताल की जाए। साथ ही यह भी जांचा जाए कि इन संपत्तियों को अर्जित करने के लिए धन कहां से आया और क्या उसका संबंध वैध आय से है।
शिकायत में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के प्रावधानों का हवाला देते हुए कहा गया है कि जांच में अपराध के पर्याप्त आधार मिलने पर प्राथमिकी दर्ज कर नियमानुसार कार्रवाई की जाए। शिकायतकर्ता ने जांच निष्पक्ष तरीके से कराने और संबंधित पक्षों को अपना पक्ष रखने का अवसर देने की भी मांग की है। हालांकि, 210 करोड़ रुपये की कथित अवैध संपत्ति से जुड़े आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि होना अभी बाकी है।
कांग्रेस ने भी उठाई जांच की मांग
इस मामले में कांग्रेस प्रदेश उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने कहा है कि रेखा आर्या के साथ कथित घरेलू हिंसा के मामले में पार्टी उनकी सहानुभूति और समर्थन में खड़ी है। साथ ही उन्होंने कहा कि उनके पति की ओर से लगाए गए भ्रष्टाचार के आरोपों की भी गंभीरता से जांच होनी चाहिए।
धस्माना ने मांग की कि कथित संपत्ति और भ्रष्टाचार से जुड़े आरोपों की जांच प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) या आयकर विभाग जैसी सक्षम एजेंसी से कराई जाए, ताकि वास्तविक तथ्यों का पता चल सके। कांग्रेस ने यह भी कहा है कि यदि राज्य सरकार घरेलू हिंसा के आरोपों के मामले में मंत्री का साथ नहीं देती, तो पार्टी उनके समर्थन में खड़ी रहेगी।
पहले घरेलू विवाद, फिर संपत्ति को लेकर आरोप
गौरतलब है कि विवाद की शुरुआत तब सुर्खियों में आई, जब मंत्री रेखा आर्या ने एक ऑडियो जारी कर अपने पति पर मारपीट, उत्पीड़न और जान से मारने की साजिश जैसे गंभीर आरोप लगाए। इस मामले में उन्होंने पुलिस में शिकायत भी दर्ज कराई है।
इसके बाद गिरधारी लाल साहू ने वीडियो जारी कर मंत्री पर कथित तौर पर 210 करोड़ रुपये की अवैध संपत्ति अर्जित करने का आरोप लगाया और जांच की मांग की। उन्होंने रेखा आर्या की ओर से लगाए गए आरोपों को भी खारिज किया तथा ऑडियो रिकॉर्डिंग को कथित तौर पर फर्जी और एआई से तैयार बताया।
दूसरी ओर, रेखा आर्या ने संपत्ति से जुड़े आरोपों को निराधार बताते हुए कहा है कि उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों के समर्थन में सबूत सार्वजनिक किए जाने चाहिए और जांच कराई जा सकती है।
फिलहाल, इस पूरे प्रकरण में घरेलू विवाद और कथित वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े आरोपों की सच्चाई जांच का विषय है। अब निगाहें इस बात पर रहेंगी कि सतर्कता अधिष्ठान में दी गई शिकायत पर क्या कार्रवाई होती है और जांच के दौरान कौन-से तथ्य सामने आते हैं।
