उत्तराखंड के नए राज्यपाल बने डॉ. ढाल सिंह बिसेन, हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश ने दिलाई शपथ

Our News, Your Views

उत्तराखंड के नए राज्यपाल बने डॉ. ढाल सिंह बिसेन, हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश ने दिलाई शपथ

देहरादून। उत्तराखंड को नया राज्यपाल मिल गया है। मध्य प्रदेश की राजनीति में लंबे समय तक सक्रिय रहे डॉ. ढाल सिंह बिसेन ने राज्यपाल पद की शपथ ग्रहण कर ली है। लोक भवन में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में उत्तराखंड हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश ने उन्हें पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। इसके साथ ही प्रदेश में संवैधानिक प्रमुख के रूप में उनकी नई जिम्मेदारी की शुरुआत हो गई।

शपथ ग्रहण समारोह से पहले मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने राष्ट्रपति की ओर से जारी नियुक्ति अधिपत्र पढ़कर सुनाया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 12 अक्टूबर को डॉ. बिसेन को उत्तराखंड का राज्यपाल नियुक्त किया था। उन्होंने लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेवानिवृत्त) का स्थान लिया है।

जौलीग्रांट पहुंचने पर हुआ स्वागत

उत्तराखंड आगमन पर डॉ. बिसेन का जौलीग्रांट एयरपोर्ट पर औपचारिक स्वागत किया गया। पुलिस की ओर से उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया और उन्होंने परेड का निरीक्षण किया। इस दौरान प्रदेश के कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल, मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ और जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

इसके बाद लोक भवन पहुंचने पर भी राज्यपाल का अधिकारियों ने स्वागत किया। शपथ ग्रहण समारोह में प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों की उपस्थिति रही।

विधायक से केंद्रीय मंत्री तक का सफर

14 मई 1952 को मध्य प्रदेश के सिवनी जिले के पिपरिया में जन्मे डॉ. ढाल सिंह बिसेन पेशे से चिकित्सक और कृषक हैं। उनका राजनीतिक सफर मध्य प्रदेश की राजनीति से जुड़ा रहा है। वह 1990 से 2008 के बीच चार बार मध्य प्रदेश विधानसभा के सदस्य चुने गए।

विधायक के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने मध्य प्रदेश सरकार में वन, परिवहन एवं खनिज तथा स्कूल शिक्षा एवं जेल विभागों की जिम्मेदारी संभाली। इसके बाद वर्ष 2019 में वह 17वीं लोकसभा के लिए निर्वाचित हुए और राष्ट्रीय राजनीति में भी अपनी भूमिका निभाई।

अब उत्तराखंड के संवैधानिक प्रमुख की जिम्मेदारी

मध्य प्रदेश में विधायक, मंत्री और सांसद के रूप में काम करने का अनुभव रखने वाले डॉ. बिसेन के सामने अब उत्तराखंड के राज्यपाल के रूप में संवैधानिक दायित्व निभाने की जिम्मेदारी है। राज्यपाल का पद प्रदेश की संवैधानिक व्यवस्था में महत्वपूर्ण स्थान रखता है। ऐसे में उनके कार्यकाल पर प्रदेश की राजनीतिक और प्रशासनिक गतिविधियों के बीच सबकी नजर रहेगी।

डॉ. बिसेन के शपथ ग्रहण के साथ उत्तराखंड में राज्यपाल के रूप में नए कार्यकाल की औपचारिक शुरुआत हो गई है।


Our News, Your Views